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पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी में इंडक्शन कार्यक्रम संपन्न

Pacific Institute of Physiotherapy Udaipur Induction ProgramPacific Institute of Physiotherapy Udaipur Induction Program

उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान के प्रमुख स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों में शामिल पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी, उदयपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर फिजियोथेरेपी शिक्षा, क्लीनिकल प्रशिक्षण, अनुसंधान, व्यावसायिक नैतिकता और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। | Pacific Institute of Physiotherapy Udaipur Induction Program

इंडक्शन कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, आधुनिक शिक्षण पद्धति, क्लीनिकल प्रैक्टिस और प्रोफेशनल लाइफ के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों और वरिष्ठ शिक्षाविदों से सीधे संवाद का अवसर भी मिला।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. शुभम मेनारिया ने बताया कि तीन दिवसीय ओरिएंटेशन में विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम की संरचना, क्लीनिकल एक्सपोजर, अनुसंधान गतिविधियों, प्रोफेशनल एथिक्स, संचार कौशल और हेल्थकेयर सेक्टर में उपलब्ध रोजगार एवं उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर पाहेर विश्वविद्यालय के ग्रुप प्रेसिडेंट प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रो. एम. एम. मंगल, पाहेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमंत कोठारी, पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी के डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. ज़फ़र खान तथा प्रो. विनीता बाघेला सहित वरिष्ठ शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।

फिजियोथेरेपी केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा

वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में फिजियोथेरेपी केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, क्लीनिकल दक्षता और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करने वाले फिजियोथेरेपिस्ट की मांग देश और विदेश दोनों स्तरों पर लगातार बढ़ रही है। विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की शैक्षणिक सुविधाओं, क्लीनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और छात्र विकास कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई, जिससे नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक वातावरण को समझने में मदद मिली।

समापन समारोह में डॉ. राजेश कांजा (आईटी हेड), डॉ. निधि माथुर, श्री रोहित गोस्वामी, श्रीमती हिना लौहार सहित संस्थान के संकाय सदस्य एवं स्टाफ उपस्थित रहे। आयोजन समिति एवं संकाय सदस्यों के समन्वित प्रयासों से तीन दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।

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