सविना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पूरा रिसोर्ट ही एग्रीकल्चर जमीन पर बना है, लेकिन यूडीए को नहीं दिखता
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर की सवीना थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर डमी खातेदारों के माध्यम से करोड़ों की भूमि हड़पने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अलग-अलग भूखंडों में मूल खातेदार की जगह डमी खातेदार खड़ा कर अलग-अलग आरोपियों के नाम पर पॉवर ऑफ अटॉर्नी की और विक्रय विलेख तैयार कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूखंडों का नामांतरण करवा लिया। | Udaipur Land Fraud Case | udaipur police | udaipur savina police
पुलिस के अनुसार करोड़ों की जमीन का यह पूरा मामला राजस्व ग्राम डाकन कोटड़ा में राम्या रिसोर्ट से जुड़ी जमीन का है, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का बेचान राम्या रिसोर्ट संचालक मीना खमेसरा पत्नी राजेश खमेसरा के नाम पर किया गया था। यह रिसोर्ट बिना कंवर्जन एग्रीकल्चर लैंड पर संचालित हो रहा है। ताजुब्ब की बात है कि यूडीए को ये दिखायी नहीं दे रहा। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है। इस पूरे घोटाले में करोड़ों की कीमत के 9 से अधिक भूखंडों की धोखाधडी के खुलासे की संभावना है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश में सवीना थानाधिकारी दलबीर सिंह ने की है।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने निम्न चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- मनीष खराड़ी (27) पुत्र कांतिभाई निवासी गांधीनगर, गुजरात। – फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी ग्रहिता।
- नरेन्द्र जैन (51) पुत्र कांतिलाल निवासी तीतरड़ी, उदयपुर। – फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी ग्रहिता।
- चन्द्रशेखर (35) पुत्र गेहरीलाल निवासी रामपुरा, अम्बामाता, उदयपुर। – फर्जी मुख्तारनामा आम का गवाह।
- सिकन्दर (23) पुत्र नरसिंह निवासी परमारवाड़ा, पोस्ट डेरी, थाना पहाड़ा, उदयपुर। – फर्जी मुख्तारनामा आम व विक्रय विलेख का गवाह।
पुलिस के अनुसार नरेन्द्र और मनीष पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है। सिकन्दर और चन्द्रशेखर को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
ऐसे रची गई करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा पूर्व में सोची-समझी योजना के मुताबिक राजस्व ग्राम डाकन कोटड़ा में ‘राम्या रिसोर्ट‘ के पास स्थित संयुक्त आराजी की कृषि भूमि के मूल खातेदार 75 वर्षीय मीठालाल वैष्णव के स्थान पर डमी (फर्जी) व्यक्तियों को खड़ा कर अलग-अलग (फर्दन फर्दन) फर्जी मुख्तारनामा आम निष्पादित करवाया गया।
इसके बाद इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर 1 जुलाई 2024 को विक्रय विलेख तैयार कर भूमि का नामांतरण करवा दिया गया। आरोपियों ने कथित रूप से पूरी जमीन का बेचान राम्या रिसोर्ट के संचालक मीना पत्नी राजेश खमेसरा को कर दिया और जमीन मीना खमेसरा के नाम दर्ज कर कब्जा भी दिला दिया। हालांकि राजेश खमेसरा के पुत्र पल खमेसरा ने भी उनके साथ हुई धोखाधड़ी की एक एफआईआर सवीना थाने में दर्ज करवायी हुई है।
पीड़ित की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
पीड़ित मीठालाल वैष्णव (75) निवासी रेलमगरा, राजसमंद की शिकायत पर सविना थाने में प्रकरण संख्या 369/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि सुनियोजित तरीके से राम्या रिसोर्ट के पास स्थित संयुक्त आराजी की कृषि भूखंडों के मूल खातेदारों के स्थान पर फर्जी व्यक्तियों को खड़ा कर अलग-अलग पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर भूमि बेचने का संगठित षड्यंत्र रचा गया।
पहले से भी दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार इसीभूमि से जुड़े मामले पहले भी सविना थाने में प्रकरण संख्या 324/2025 तथा बड़गांव थाने में प्रकरण संख्या 141/2025 के तहत दर्ज हैं। इन सभी मामलों का समानांतर अनुसंधान सविना थाना पुलिस कर रही है।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी से जुड़े कई प्रकरण दर्ज हैं, जो विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
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