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बाल निगलने की आदत बनी गंभीर बीमारी का कारण, गीतांजलि हॉस्पिटल में 17 वर्षीय किशोरी की सफल सर्जरी

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उदयपुर। उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने एक 17 वर्षीय किशोरी की दुर्लभ और जटिल बीमारी का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया। किशोरी लंबे समय से गंभीर कमजोरी से पीड़ित थी। जांच में उसका हीमोग्लोबिन मात्र 6 ग्राम प्रति डेसीलीटर (g/dL) पाया गया, जिसके बाद विशेषज्ञों ने विस्तृत परीक्षण किए। जांच में सामने आया कि किशोरी को अपने बाल खींचकर निगलने की आदत थी, जिससे उसके पेट में बालों का विशाल गुच्छा (ट्राइकोबेज़ोआर) बन गया था। | hair swallowing trichobezoar surgery geetanjali hospital udaipur

विशेषज्ञों के अनुसार यह अत्यंत दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति है, जो कई मामलों में रापुन्ज़ेल सिंड्रोम (Rapunzel Syndrome) से भी जुड़ी होती है। इस स्थिति में बालों का गुच्छा पेट से आगे आंतों तक फैल सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

पेट में बालों का विशाल गुच्छा बना बीमारी की वजह

गीतांजलि हॉस्पिटल के जीआई सर्जन डॉ. हेमंत जैन ने बताया कि लगातार बाल निगलने के कारण पेट में बालों का बड़ा गुच्छा बन गया था। इसके चलते भोजन का सही पाचन और पोषण नहीं हो पा रहा था, जिससे मरीज का हीमोग्लोबिन लगातार गिरता गया और वह अत्यधिक कमजोरी की शिकार हो गई।

समय पर सही जांच और सर्जरी का निर्णय लेते हुए चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन कर पेट से पूरे बालों के गुच्छे को सुरक्षित बाहर निकाल दिया।

सर्जरी के बाद तेजी से हो रहा स्वास्थ्य में सुधार

सफल ऑपरेशन के बाद किशोरी की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल सर्जरी ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि मरीज को मनोवैज्ञानिक परामर्श (Psychological Counseling) भी आवश्यक होता है, ताकि भविष्य में यह आदत दोबारा विकसित न हो।

अभिभावकों के लिए डॉक्टर की महत्वपूर्ण सलाह

डॉ. हेमंत जैन ने अभिभावकों से अपील की कि यदि बच्चों या किशोरों में बार-बार बाल खींचने, बाल चबाने या निगलने जैसी आदत दिखाई दे, तो इसे सामान्य व्यवहार समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक और मनोवैज्ञानिक से परामर्श लेने पर इस दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी का सफल उपचार संभव है।

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