उदयपुर से देशभर में विकास की नई उड़ान
उदयपुर, एआर लाइव न्यूज। उदयपुर स्थित देश की अग्रणी धातु कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ऐतिहासिक वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर 145 प्रतिशत बढ़कर ₹5,469 करोड़ पहुंच गया, जबकि परिचालन से आय 77 प्रतिशत बढ़कर ₹13,747 करोड़ रही। इसके साथ ही कंपनी ने लगातार पांचवें वर्ष पहली तिमाही में 268 किलो टन (KT) का अब तक का सर्वाधिक खनन धातु उत्पादन दर्ज किया। | Hindustan Zinc Q1 Results 2026
कंपनी के अनुसार पहली तिमाही में ₹8,074 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 109 प्रतिशत अधिक है। वहीं, जस्ता (जिंक) उत्पादन लागत घटकर 851 अमेरिकी डॉलर प्रति टन रह गई, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 16 प्रतिशत कम है। यह प्रदर्शन कंपनी की मजबूत परिचालन क्षमता, लागत नियंत्रण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ती मजबूती को दर्शाता है।
मजबूत नकदी प्रवाह और शेयरधारकों को लाभ
हिंदुस्तान जिंक ने पहली तिमाही में ₹5,253 करोड़ का फ्री कैश फ्लो (Growth Capex से पहले) दर्ज किया। कंपनी के निदेशक मंडल ने ₹11 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को मंजूरी दी है, जिसकी कुल राशि ₹4,648 करोड़ है। इसके अलावा कंपनी ने रॉयल्टी सहित करीब ₹6,450 करोड़ का योगदान सरकारी खजाने में दिया।
हरित ऊर्जा और ESG में नई उपलब्धियां
कंपनी ने बताया कि उसकी कुल बिजली खपत में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा कर्नाटक के गुंडलुपेट में दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements) और इट्रियम ब्लॉक की खनन लीज़ भी कंपनी को प्राप्त हुई है।
ESG (पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन) क्षेत्र में भी कंपनी ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। रामपुरा आगुचा खदान भारत की पहली ऐसी खदान बनी जिसे Zinc Mark प्रमाणन मिला। कंपनी पहली बार Dow Jones Best-in-Class Index (Emerging Markets) में शामिल हुई और TIME World’s Most Sustainable Companies 2026 की सूची में भी स्थान हासिल किया।
इसके साथ ही देबारी जिंक स्मेल्टर में भारत की पहली 250 मीट्रिक टन क्षमता वाली इलेक्ट्रिक क्रेन तैनात की गई तथा कर्मचारियों के परिवहन के लिए राजस्थान की सबसे बड़ी 41 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई। कंपनी ने हाइड्रोजन ईंधन और पर्यावरण संरक्षण परियोजनाओं के लिए कई रणनीतिक समझौते भी किए हैं।
कंपनी दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए प्रतिबद्ध है – CEO अरुण मिश्रा
हिंदुस्तान जिंक के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने कहा कि कंपनी ने लगातार पांचवें वर्ष पहली तिमाही में रिकॉर्ड खनन उत्पादन हासिल किया है। उन्होंने कहा कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और जिम्मेदार खनन के माध्यम से कंपनी दुनिया के सबसे कम लागत वाले जस्ता उत्पादकों में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में बढ़ते बुनियादी ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की मांग के चलते जस्ता की आवश्यकता लगातार बढ़ेगी और कंपनी दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित गुप्ता ने कहा कि कंपनी का रिकॉर्ड मुनाफा, बेहतर EBITDA और मजबूत नकदी प्रवाह प्रभावी वित्तीय प्रबंधन तथा परिचालन दक्षता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य के विकास निवेशों के साथ सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने पर लगातार काम करती रहेगी।
नेतृत्व में बदलाव
हिंदुस्तान जिंक के निदेशक मंडल ने अमरेंदु प्रकाश को 1 अगस्त 2026 से कंपनी का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया है। इससे पहले वे स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रह चुके हैं।
वहीं अमित गुप्ता ने 1 जून 2026 से कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) का कार्यभार संभाला है। उन्हें वित्तीय रणनीति, पूंजी प्रबंधन, लागत नियंत्रण और कॉरपोरेट गवर्नेंस का दो दशक से अधिक का अनुभव है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- लगातार पांचवें वर्ष पहली तिमाही में 268 किलो टन (KT) का अब तक का सबसे अधिक खनन धातु उत्पादन।
- जस्ता (जिंक) की उत्पादन लागत घटकर 851 अमेरिकी डॉलर प्रति टन रही, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 16% कम है।
- परिचालन से ₹13,747 करोड़ की अब तक की सबसे अधिक आय, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 77% अधिक है।
- वृद्धि से जुड़े पूंजीगत निवेश (Growth Capex) से पहले ₹5,253 करोड़ का मजबूत फ्री कैश फ्लो।
- कुल बिजली खपत में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़कर 22% हो गई।
- कर्नाटक के गुंडलुपेट में दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements – REE) और इट्रियम ब्लॉक की खनन लीज़ प्राप्त हुई।
- ₹11 प्रति शेयर का पहला अंतरिम लाभांश घोषित किया गया, जिसकी कुल राशि ₹4,648 करोड़ है।
- रॉयल्टी सहित सरकारी खजाने में लगभग ₹6,450 करोड़ का योगदान दिया।

