गीतांजलि यूनिवर्सिटी सर्जिकल क्रिटिकल केयर प्रशिक्षण का नया केंद्र : रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स, इंग्लैंड के सहयोग से हुआ सफल आयोजन
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर स्थित गीतांजलि यूनिवर्सिटी ने सर्जिकल क्रिटिकल केयर शिक्षा के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल करते हुए उत्तर भारत में पहली बार रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स ऑफ इंग्लैंड (Royal College of Surgeons of England) के सहयोग से आयोजित अंतरराष्ट्रीय CCrISP (Care of the Critically ill Surgical Patient) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। 13 से 17 जुलाई 2026 तक चले इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन के साथ गीतांजलि यूनिवर्सिटी उत्तर भारत का पहला और एकमात्र Accredited CCrISP Centre बन गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अब भविष्य में भी इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम का नियमित आयोजन उदयपुर में किया जाएगा, जिससे उत्तर भारत के सर्जनों और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम की शुरुआत 13 जुलाई को आयोजित Sensitization Programme से हुई, जिसमें रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स ऑफ इंग्लैंड के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने आधुनिक सर्जिकल क्रिटिकल केयर, वैश्विक उपचार मानकों और CCrISP की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद 14-15 जुलाई को Instructor Course और 16-17 जुलाई को Provider Course आयोजित किए गए।
यह गीतांजलि यूनिवर्सिटी का किसी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थान के साथ पहला औपचारिक International Academic Collaboration भी रहा, जिसने संस्थान की वैश्विक पहचान को नई मजबूती प्रदान की।
राजस्थान से बाहर के डॉक्टरों की रही बड़ी भागीदारी
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्थान के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित अन्य देशों से आए सर्जनों, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों, इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। अधिकांश प्रतिभागी राजस्थान के बाहर से रहे, जिससे कार्यक्रम की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता स्पष्ट हुई।
क्या है CCrISP कार्यक्रम?
CCrISP विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त एक संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य गंभीर सर्जिकल मरीजों की समय पर पहचान, प्रारंभिक मूल्यांकन, त्वरित उपचार और बहु-विषयक टीम के समन्वित प्रबंधन की क्षमता विकसित करना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निम्न प्रमुख विषयों पर व्यावहारिक एवं सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण दिया गया—
- गंभीर सर्जिकल मरीजों का प्रारंभिक मूल्यांकन और त्वरित निर्णय।
- वास्तविक क्लिनिकल परिस्थितियों पर आधारित केस स्टडी और सिमुलेशन।
- मरीजों की सुरक्षा और बेहतर क्लिनिकल परिणामों पर विशेष फोकस।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक सर्जिकल क्रिटिकल केयर प्रोटोकॉल।
- टीम आधारित (Multidisciplinary) मरीज प्रबंधन।
Instructor Course के माध्यम से भविष्य के प्रशिक्षकों (Faculty) को तैयार किया गया, जबकि Provider Course में चिकित्सकों को गंभीर मरीजों के वैज्ञानिक और व्यावहारिक प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि CCrISP प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सक गंभीर सर्जिकल मरीजों के मूल्यांकन, त्वरित निर्णय, प्रभावी उपचार और टीम आधारित प्रबंधन में अधिक दक्ष बनेंगे। इससे मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, सुरक्षित देखभाल और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम मिलेंगे।
उदयपुर बना अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा प्रशिक्षण का नया केंद्र
कार्यक्रम की सफलता के बाद गीतांजलि यूनिवर्सिटी ने स्वयं को अंतरराष्ट्रीय सर्जिकल क्रिटिकल केयर प्रशिक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से न केवल उत्तर भारत बल्कि पूरे देश और वैश्विक स्तर पर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी।

