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DRI ने राजस्थान सहित देशभर में फैले वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का किया खुलासा: 15 किलो हाथीदांत जब्त, 33 लोग गिरफ्तार

DRI busts wildlife smuggling network across India including rajasthan 15kg ivory seized 33 arrestedDRI busts wildlife smuggling network across India including rajasthan 15kg ivory seized 33 arrested

जयपुर/नई दिल्ली। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने देशभर में चलाए गए समन्वित अभियानों के तहत कई बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इन अभियानों में 440 से अधिक लुप्तप्राय एवं संरक्षित वन्यजीवों, करीब 15 किलोग्राम हाथीदांत एवं हाथीदांत से बनी वस्तुओं को जब्त किया गया है। साथ ही 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। राजस्थान भी इस बड़े अभियान का प्रमुख केंद्र रहा, जहां सुजानगढ़ में हाथीदांत तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई।

डीआरआई अधिकारियों ने 10 जुलाई 2026 को राजस्थान के सुजानगढ़ के पास हाथीदांत के अवैध कारोबार में शामिल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 11 किलोग्राम हाथीदांत बरामद किया। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर वन विभाग को सौंप दिया गया, जहां उनके खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

भारतीय हाथी (Elephas maximus) अनुसूची-I में संरक्षित प्रजाति है। भारत में हाथीदांत का व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है और यह CITES तथा विदेश व्यापार नीति के तहत भी अवैध माना जाता है।

डीआरआई ने राजस्थान के अलावा महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, असम और अन्य राज्यों में भी संयुक्त अभियान चलाए। इन अभियानों के दौरान कई संरक्षित वन्यजीवों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया गया।

सबसे बड़ी कार्रवाई में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। डीआरआई, सीबीआई और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त कार्रवाई में 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटुरोंग, 28 स्टार कछुए, 6 इजिप्शियन गिद्ध और 2 शिकरा पक्षियों को बचाया गया। इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

डीआरआई ने बैंकॉक, कुआलालंपुर और कोलंबो से भारत आने वाले यात्रियों के जरिए हो रही वन्यजीव तस्करी की कई कोशिशों को भी विफल किया। कार्रवाई के दौरान कई विदेशी और दुर्लभ प्रजातियों को जब्त किया गया, जिनमें विभिन्न प्रकार के कछुए, अजगर, गिब्बन, इगुआना, मॉनिटर छिपकलियां और अन्य संरक्षित जीव शामिल हैं।

देशभर में चलाए गए अभियानों में पैंगोलिन के शल्क, तेंदुए की खाल, रेड सैंडर्स, सीहॉर्स उत्पाद, रेड सैंड बोआ, कछुए, सांप, पक्षी, गिलहरियां और अन्य संरक्षित वन्यजीव भी बरामद किए गए। इन अभियानों में सीबीआई, डब्ल्यूसीसीबी, राज्य वन विभाग, सीमा शुल्क विभाग और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

डीआरआई ने कहा कि खुफिया सूचना आधारित ये अभियान संगठित वन्यजीव अपराध और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने की दिशा में लगातार जारी रहेंगे। एजेंसी भारत की जैव विविधता की सुरक्षा और CITES के तहत अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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