उदयपुर में अत्याधुनिक चिकित्सा की बड़ी उपलब्धि, भाई ने किया किडनी दान, सफल प्रत्यारोपण के बाद मरीज डायलिसिस से मुक्त
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर स्थित जीबीएच जनरल हॉस्पिटल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया है। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के सहयोग से किए गए इस सफल प्रत्यारोपण ने न केवल एक मरीज को नई जिंदगी दी, बल्कि दक्षिणी राजस्थान के किडनी रोगियों के लिए भी उम्मीद की नई किरण जगाई है।
भीलवाड़ा निवासी 38 वर्षीय युवराज, जो दो छोटे बच्चों के पिता हैं, नवंबर 2025 में अचानक कमर दर्द की समस्या से जूझने लगे। शुरुआती जांच के बाद पता चला कि उनकी दोनों किडनियां गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने कई अस्पतालों और विशेषज्ञों से इलाज कराया। अहमदाबाद में भी उपचार चला, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती गई और अंततः उन्हें नियमित डायलिसिस शुरू करना पड़ा।
डॉ. अनुराग जैन की सलाह बनी जीवन का टर्निंग पॉइंट
इसी दौरान भीलवाड़ा में जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग जैन के विजिट के दौरान युवराज ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट दिखाई। जांच के बाद डॉ. जैन ने स्पष्ट रूप से किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी और परिवार को भरोसा दिलाया कि समय रहते प्रत्यारोपण ही स्थायी समाधान हो सकता है।
भाई ने किया अंगदान, परिवार के लिए बना मिसाल
किडनी दान के लिए युवराज की पत्नी ममता और उनके भाई दिलीप की जांच की गई। दोनों दान के लिए उपयुक्त पाए गए, लेकिन भाई दिलीप ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने भाई को किडनी दान करने का निर्णय लिया। यह फैसला परिवार के प्रति उनके समर्पण और भाईचारे का प्रेरक उदाहरण बन गया।
ट्रांसप्लांट के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ
जीबीएच जनरल हॉस्पिटल की किडनी ट्रांसप्लांट टीम ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं और चिकित्सा मानकों का पालन करते हुए करीब छह घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के बाद दानदाता दिलीप को चार दिन में स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि युवराज की नई किडनी ने सामान्य रूप से कार्य करना शुरू कर दिया। अब उन्हें डायलिसिस की आवश्यकता नहीं है और वे सामान्य जीवन जी रहे हैं।
जीबीएच की टीम ने सिर्फ युवराज को नहीं, पूरे परिवार को नया जीवन दिया है
युवराज की पत्नी ममता ने भावुक होकर कहा कि जब दोनों किडनियों के खराब होने की जानकारी मिली थी, तब पूरा परिवार गहरे संकट में था। छोटे बच्चों के भविष्य की चिंता हर समय सताती थी। उन्होंने कहा कि जीबीएच की मेडिकल टीम और डॉ. अनुराग जैन के भरोसे और उपचार ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी है।
जीबीएच के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
जीबीएच जनरल हॉस्पिटल में यह पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह उपलब्धि आधुनिक चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और अंगदान की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। अस्पताल का मानना है कि इससे भविष्य में क्षेत्र के अधिक मरीजों को स्थानीय स्तर पर उच्च स्तरीय किडनी प्रत्यारोपण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इस जटिल प्रत्यारोपण में नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश बडजात्या, डॉ. अनुराग जैन, डॉ. महेश देसाई, यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. कमलेश सिंह, डॉ. वरुण लड्ढा तथा एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. तरुण भटनागर, डॉ. राजेंद्र शर्मा, डॉ. अपेक्षा कच्छारा, डॉ. विकास शर्मा सहित पूरी मेडिकल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने कहा कि जीबीएच लगातार अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं का विस्तार कर रहा है और यह सफल किडनी ट्रांसप्लांट अस्पताल की विशेषज्ञता एवं मरीजों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
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