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हिंदुस्तान जिंक में 740 महिलाएं संभाल रहीं डिजिटल माइनिंग की कमान

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उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर में महिला नेतृत्व और तकनीकी भागीदारी का नया अध्याय लिखते हुए Hindustan Zinc Limited ने ‘इंटरनेशनल वीमेन इन माइनिंग डे’ पर अपने माइनिंग और स्मेल्टिंग ऑपरेशन्स में कार्यरत 740 से अधिक महिला प्रोफेशनल्स का सम्मान किया। कंपनी में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 26.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो भारतीय मेटल और माइनिंग उद्योग में सबसे अधिक मानी जा रही है। Hindustan Zinc Women in Mining

क्यों चर्चा में है हिंदुस्तान जिंक की यह उपलब्धि?

हिंदुस्तान जिंक आज एशिया के सबसे बड़े महिला माइनिंग वर्कफोर्स समूहों में शामिल है। कंपनी की महिलाएं अंडरग्राउंड माइन्स, डिजिटल कंट्रोल रूम, टेली-रिमोट ऑपरेशन्स, माइन रेस्क्यू टीम, स्मेल्टर प्लांट और नाइट शिफ्ट जैसे चुनौतीपूर्ण और तकनीकी क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रही है। यह बदलाव भारतीय माइनिंग उद्योग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।

माइनिंग क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए हिंदुस्तान जिंक ने AI आधारित सुरक्षा प्रणालियों, ऑटोमेशन, टेली-रिमोट ऑपरेशन्स, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम को अपनाया है। इन तकनीकों ने न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि महिलाओं के लिए माइनिंग सेक्टर में काम करने के अवसर भी व्यापक किए हैं।

पहली महिला अंडरग्राउंड माइन मैनेजर ने क्या कहा?

हिंदुस्तान जिंक की पहली महिला अंडरग्राउंड माइन मैनेजर संध्या रसाकतला ने कहा कि कंपनी ने सुरक्षित और तकनीक-संचालित कार्य वातावरण तैयार कर महिलाओं को माइनिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया है। उनके अनुसार आज महिलाएं केवल सहयोगी भूमिका में नहीं, बल्कि निर्णय लेने और नेतृत्व करने की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।

हिंदुस्तान जिंक में भारत की पहली महिला अंडरग्राउंड माइनिंग प्रोफेशनल कार्यरत हैं। इसके अलावा कंपनी ने वर्ष 2023 में देश की पहली पूर्णतः महिला अंडरग्राउंड माइन रेस्क्यू टीम की शुरुआत कर माइनिंग उद्योग में जेंडर इनक्लूजन का नया मानक स्थापित किया था। यह पहल सुरक्षा, कौशल विकास और समान अवसरों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

सीईओ अरुण मिश्रा बोले— विविधता ही भविष्य की ताकत

हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि भविष्य की माइनिंग केवल तकनीक और उत्पादन क्षमता से नहीं, बल्कि विविध और समावेशी कार्यबल से संचालित होगी। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उद्योग को अधिक नवाचारी, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

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