यह हाई-टेक मशीन की एक साथ 200 से अधिक प्रकार के मेडिकल टेस्ट करने की क्षमता
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं और डायग्नोस्टिक तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर ने अत्याधुनिक कोबास प्रो नियो ISE ऑटो एनालाइजर मशीन का शुभारंभ किया है। एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में स्थापित यह हाई-टेक मशीन एक साथ 200 से अधिक प्रकार के मेडिकल टेस्ट करने की क्षमता रखती है, जिससे मरीजों को तेज, सटीक और विश्वसनीय जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। | Cobas Pro Neo ISE Auto Analyzer Machine
इस अत्याधुनिक मशीन का उद्घाटन गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर हॉस्पिटल के सीईओ ऋषि कपूर, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. हरप्रीत सिंह, गीतांजलि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद यादव, डीन डॉ. संगीता गुप्ता, अतिरिक्त प्रिंसिपल डॉ. मनजिंदर कौर, वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य एवं मेडिकल विद्यार्थी उपस्थित रहे।
क्या है कोबास प्रो नियो ISE ऑटो एनालाइजर?
लैब डायरेक्टर डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि कोबास प्रो नियो ISE एक अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक ऑटो एनालाइजर सिस्टम है, जिसे बड़ी संख्या में सैंपलों की जांच को तेज, सटीक और अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह मशीन एक ही प्लेटफॉर्म पर 200 से अधिक प्रकार के परीक्षणों की प्रोसेसिंग कर सकती है, जिससे जांच रिपोर्ट कम समय में उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि नई तकनीक के उपयोग से मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और चिकित्सक समय पर उपचार शुरू कर सकेंगे। साथ ही, बेहतर गुणवत्ता वाली रिपोर्ट्स विभिन्न रोगों के निदान को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाएंगी।
प्रदेश का पहला मेडिकल कॉलेज जहां यह मशीन स्थापित हुई
गीतांजलि प्रबंधन के अनुसार, कोबास प्रो नियो ISE ऑटो एनालाइजर तकनीक राजस्थान में पहली बार किसी चिकित्सा संस्थान में स्थापित की गई है। यह उपलब्धि प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत लैब डायग्नोस्टिक्स की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
यह मशीन जांच सेवाओं की गुणवत्ता, गति और दक्षता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी तथा मरीजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की लैब सुविधाओं का लाभ प्रदान करेगी।
मेडिकल शिक्षा और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
नई मशीन केवल मरीजों की जांच सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मेडिकल शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। पीजी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक लैब तकनीकों के साथ कार्य करने, नवीनतम डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं को समझने और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
इससे विद्यार्थियों की अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान क्षमता और व्यावहारिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
मरीजों को मिलेंगी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं
गीतांजलि प्रबंधन ने कहा कि अत्याधुनिक कोबास प्रो नियो ISE मशीन की स्थापना मरीजों को बेहतर, तेज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कदम उदयपुर और राजस्थान में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च को भी नई गति प्रदान करेगा।

