शाबाश पुलिस.. आपने साबित किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं..
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री और बड़ी सादड़ी विधायक गौतम दक के डूंगला थाने (चित्तौड़गढ़ ) के थानाधिकारी सहित पुलिसकर्मियों को गंदी, बेहुदा गालियां देने और पुलिस वाले की पत्नी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का ऑडियो वायरल होने के बाद आज गुरूवार को पुलिस ने मंत्री गौतम दक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर डूंगला थानाधिकारी शैतान सिंह की तरफ से ही दर्ज करवायी गयी है। मंत्री गौतम दक के खिलाफ प्रकरण बीएनएस की धाराएं 132, 351(2) और 352 में दर्ज किया है। chittorgarh dungla police register FIR Against Minister gautam dak for abuse police | gautam dak abusive audio
पुलिस के इस स्टैंड ने न सिर्फ पुलिस जवानों का मोरल बढ़ाया है, बल्कि यह साबित किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं होता।
दर्ज प्रकरण के अनुसंधान में आरोपी को थाने पर बुलाया था, इस पर भड़के थे मंत्री
थानाधिकारी शैतान सिंह ने एफआईआर में बताया है कि थाने में दर्ज एक मामले का अनुसंधान कर रहे हैं। जिसमें उन्होंने 25 मई को ईडरा मंगलवाड़ निवासी आरोपी धनराज को पूछताछ के लिए बुलाया था। धनराज से पूछताछ के बाद मामले में अन्य आरोपीगण धनराज के पुत्र और अन्य को बुलाने के लिए कहा तो धनराज ने पुलिस को धमकी भरे लहजे में कहा कि बेटे या अन्य परिजनों को नहीं बुलाएगा, मैं (आरोपी धनराज) भी राजनीतिक पहुंच रखता हूं।
उसी दिन 25 मई को ईडरा के पूर्व सरपंच चन्द्र शेखर शर्मा का फोन आया। पूर्व सरपंच चन्द्र शेखर ने भी फोन पर थानाधिकारी शैतान सिंह को फोन पर धमकीभरे लहजे में कहा कि धनराज को थाने क्यों बुलाया था, आईंन्दा बुलाया तो मंत्री गौतम दक से शिकायत कर देंगे। इसके बाद धनराज और चन्द्रशेखर ने मंत्री गौतम दक को पुलिस द्वारा उससे रूपए मांग करने की झूठी शिकायत दी।
मंत्री दक ने पुलिस का पक्ष जाने बगैर गालीगलौज कर धमकाया, पुलिस की छवि धूमिल की
गौतम दक के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार 25 मई की दोपहर थानाधिकारी शैतान सिंह थाने में रूटीन कार्य कर रहे थे। तभी उनके पास मंत्री गौतम दक का फोन आया। मंत्री जी ने शैतान सिंह को थाने के बाहर आने को कहा। शैतान सिंह थाने के गेट पर पहुंचे तो मंत्री गौतम दक वहां खड़े हुए थे। उन्होंने बेहद अर्मायादित तरीके से थाने के कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण और विष्णु को बुलाने को कहा। शैतान सिंह ने उन दोनों को भी वहां बुला लिया।
इसके बाद पुलिस का कोई पक्ष जाने बगैर ही मंत्री गौतम दक ने गालीगलौज से बात करना शुरू कर दिया और मां-बहन की गालियां देते हुए अमार्यादित भाषा का प्रयोग कर जोर-जोर से चिल्लाकर बोलते हुए आमजन में मेरी (थानाधिकारी शैतान सिंह) और पुलिस विभाग की छवि धूमिल की। मंत्री गौतम दक ने कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण को ट्रांसफर करा देने की धमकी दी। यहां तक कि मंत्री गौतम दक गालीगलौज करते हुए पुलिसकर्मियों को अमानित किया और हाथ उठाकर मारपीट तक को आमादा हो गए और राजकार्य में बाधा उत्पन्न की।
इस घटना से दो दिन अवसाद में रहा
शैतान सिंह ने एफआईआर में बताया कि उनके साथ उनकी पुलिस की नौकरी के पूरे कार्यकाल में इस प्रकार की घटना कभी नहीं हुई थी, बेहद अपमानित महसूस करने के चलते वे अवसाद में चले गए। दो दिन अवसाद में रहने के बाद उन्होंने 27 मई को उच्च अधिकारियों को पूरी घटना से अवगत करवाया। जिसके बाद आज एफआईआर दर्ज करवायी है।
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