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सीढ़ी अब बाधा नहीं बनेगी, हर बच्चा सफलता की ओर बढ़ाएगा कदम

Arth CEO Dr. Arvinder Singh inaugrates ramp and Braille tiles in blind School ambamata udaipurArth CEO Dr. Arvinder Singh inaugrates ramp and Braille tiles in blind School ambamata udaipur

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। दिव्यांगों के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए समर्पित संस्था पेनेशिया डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स और अर्थ डायग्नोस्टिक्स द्वारा दृष्टिबाधित हेतु प्रज्ञा चक्षु विद्यालय, अम्बामाता में बच्चों की सुगम आवाजाही और आत्मनिर्भरता के लिए एक सराहनीय सेवा कार्य का निर्माण किया गया। अर्थ डायग्नोस्टिक्स के सीईओ तथा पेनशिआ डिसेबिलिटी के अध्यक्ष डॉ. अरविंदर सिंह तथा मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश एवं लीगल सर्विसेज के सचिव कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में विद्यालय परिसर में नवनिर्मित रैंप और विशेष ब्रेल टाइल्स का उद्घाटन किया गया। Arth CEO Dr. Arvinder Singh | ramp in blind school | Braille tiles in blind School | blind School ambamata udaipur | Panacea Disability rights activists | dr arvinder singh news

डॉ. अरविंदर सिंह ने बताया सीढ़ी के द्वारा चढ़ने से कई बार दृष्टिबाधित बच्चे सीढ़ी से टकराकर असुंतलित होकर गिर जाते थे। इस समस्या के समाधान के लिए विद्यालय में एक रैंप का निर्माण किया गया है, जिसमें सुरक्षा के लिए रेलिंग भी लगाई गई है ताकि बच्चे बिना किसी समस्या के आसानी से आवाजाही कर सकें। इसके साथ ही, समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी कमरों के बाहर विशेष ब्रेल टाइल्स लगाई गई हैं। इन टाइल्स की मदद से अब दृष्टिबाधित छात्र स्वयं अपनी कक्षा को पहचान सकेंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

शिक्षा का अधिकार संवैधानिक अधिकार है। दिव्यांग अधिकार कानून और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों के अनुसार सुगम्यता भी मौलिक अधिकार है और शिक्षा संस्थानों में बिना सुगम्यता के पढ़ाई कर पाना असंभव है। arth dr arvinder singh | arth group | Disability Rights | Panacea Disability Rights Activists | Dr Arvinder Singh arth news | Disability Rights Activist Dr Arvinder Singh | dr arvinder singh udaipur

बच्चों को संबोधित करते हुए डॉ.अरविंदर सिंह ने भावुक और प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अपनी शारीरिक अक्षमता को कभी भी अपनी सफलता के आड़े न आने दें। डॉ सिंह ने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि एक दिव्यांग व्यक्ति होने के बावजूद उन्होंने जीवन में कभी हार नहीं मानी और आज चिकित्सा, प्रबंधन और कानून जैसे कई क्षेत्रों में विश्व स्तर पर सफलता प्राप्त की है। उनकी बातों ने बच्चों में एक नई ऊर्जा और जोश भर दिया। न्यायाधीश श्री कुलदीप शर्मा जी ने भी कानूनी मदद के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

डॉ.अरविंदर सिंह ने संकल्प दोहराया कि उनकी संस्था दिव्यांगों के लिए सुगम्य वातावरण और उनके अधिकारों के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। यह पहल न केवल सुगम्यता को बढ़ावा देती है, बल्कि एक समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम माहेश्वरी और समस्त स्टाफ ने पेनेशिया संस्था और अर्थ डायग्नोस्टिक्स का आभार व्यक्त किया। साथ ही संस्था की एडमिनिस्ट्रेटिव हेड डिंपल सुहालका, लीगल हेड कनिका कल्याण और कनिष्का श्रीमाली का भी अभिनंदन किया गया।

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