Site iconSite icon AR Live News

उदयपुर की पर्वतारोही मनस्वी की एक और उपलब्धि : माउंट एवरेस्ट पर पायी फतह

Udaipur Mountaineer Manasvi agarwal hoisted national flag on world highest Mount EverestUdaipur Mountaineer Manasvi agarwal hoisted national flag on world highest Mount Everest

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। बेहद कठिन और विषम परिस्थितियों के बावजूद उदयपुर की पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल ने विश्व के सर्वोच्च पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) पर भारतीय तिरंगा फहराकर अपनी उपलब्धियों में एक और फतह को शामिल कर लिया है। मनस्वी से पूर्व राजस्थान की केवल तीन महिलाएं ही इस शिखर तक पहुंच सकी हैं। Udaipur Mountaineer Manasvi agarwal hoisted national flag on world highest Mount Everest | Manasvi agarwal udaipur | Mount Everest | udaipur live news | udaipur news | udaipur news latest

मनस्वी अग्रवाल ने इससे पहले भी अनेक अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियानों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। वे अंटार्कटिका महाद्वीप के सर्वोच्च शिखर “माउंट विन्सन मैसिफ” पर भारतीय ध्वज फहराने वाली राजस्थान की प्रथम महिला हैं। उल्लेखनीय है कि इस शिखर पर अब तक राजस्थान का कोई पुरुष पर्वतारोही भी सफल आरोहण नहीं कर पाया है।

इसके अतिरिक्त मनस्वी यूरोप महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी “माउंट एलब्रस”, अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी “किलीमंजारो” तथा दक्षिणी अमेरिका की सर्वोच्च चोटी “माउंट अकोंकागुआ” पर भी तिरंगा फहरा चुकी हैं। इस प्रकार वे विश्व के सात महाद्वीपों में से पांच महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर भारतीय ध्वज फहराने वाली राजस्थान की प्रथम महिला बन गई हैं। अब उनका लक्ष्य आगामी एक वर्ष के भीतर शेष दो महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह कर प्रतिष्ठित “seven summits” अभियान को पूर्ण करना है।

माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए मनस्वी ने लगभग तीन माह तक घर लौटे बिना हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, लेह.लद्दाख एवं नेपाल के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठोर एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। एवरेस्ट जैसे दुर्गम शिखर पर आरोहण के लिए अत्यधिक तकनीकी दक्षता, शारीरिक क्षमता एवं मानसिक स्थिरता की आवश्यकता होती है। शिखर क्षेत्र में तापमान माइनस 45 से 50 डिग्री तक पहुंच जाता है तथा 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ता है।

मनस्वी अग्रवाल ने यह उपलब्धि विश्व के लगभग 70 देशों के पर्वतारोहियों के साथ अभियान में भाग लेते हुए हासिल की है। मनस्वी ने बताया कि अभियान अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा। उनके दल में कुल आठ सदस्य शामिल थे, जिनमें से विषम परिस्थितियों के कारण दो सदस्यों की मृत्यु हो गई तथा चार सदस्य शिखर तक नहीं पहुंच सके। मनस्वी और एक अन्य पर्वतारोही ने सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया, लेकिन वापसी के दौरान माइनस 50 डिग्री तापमान और तेज बर्फीली हवाओं के कारण वे अस्वस्थ गई। वर्तमान में काठमांडू के एक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही है।

यह भी पढ़ें: अंटार्कटिका के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने वाली राजस्थान की पहली महिला

Exit mobile version