यह सिस्टम नागरिकों को सीबीआई नोटिस वेरिफाई करने और डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी से बचने के लिए सशक्त बनाएगा
लकी जैन,उदयपुर। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने अभय “”(एआई बेस्ड हेल्प बॉट) लॉन्च किया है। आम जनता को डिजीटल अरेस्ट के जाल में फंसाने वाले साइबर अपराधियों को जवाब देने के लिए सीबीआई ने इसे लॉन्च किया है। नागरिक सीबीआई की अधिकृत वेबसाइट https://cbi.gov.in/ पर जाकर ABHAY नाम के चैटबॉट बॉट पर क्लिक कर सीबीआई के नोटिस को वेरीफाई कर सकते हैं। इसी प्रकार ईडी ने भी उसकी अधिकृत वेबसाइट https://www.enforcementdirectorate.gov.in/ पर “VERIFY YOUR SUMMON” का ऑप्शन बनाया हुआ है।
सीबीआई का कहना है कि अब कभी किसी नागरिक के पास कोई ऐसा कॉल आए कि और कॉल करने वाला कहे कि वह सीबीआई अधिकारी है और कोई समन दिखाए तो उस समन को तत्काल हमारी अधिकृत वेबसाइट पर जाकर वेरीफाई कर लें। साइबर अपराधियों का झूठ तत्काल पकड में आ जाएगा। CBI LAUNCHES ABHAY-AI-POWERED system to Verify CBI Notices and Defeat Digital Arrest Fraud
रियल-टाइम नोटिस वेरिफिकेशन सिस्टम है ABHAY
सीबीआई के अनुसार यह नोटिस के प्रमाणीकरण के लिए एक एआई-आधारित हेल्पबॉट अपनी तरह का पहला रियल-टाइम नोटिस वेरिफिकेशन सिस्टम है। जिसे नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट घोटालों के बढ़ते खतरे से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
एआई और डीप फेक जैसी तकनीकों के चलते नागरिकों के लिए असली और नकली की पहचान करना मुश्किल हो गया है। सीबीआई ने बताया कि अक्सर साइबर अपराधी किसी नागरिक को धोखाधड़ी के जाल में फंसाने और डर पैदा करने के लिए उसे डिजीटल अरेस्ट कर एक फर्जी नोटिस दिखाकर स्कैम की शुरूआत करते हैं। यह नोटिस देखने में बिलकुल वैध और जांच एजेंसियों द्वारा जारी लगता है। ये साइबर अपराधी नागरिक को नोटिस दिखाकर उसके आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का झूठा आरोप लगाते हैं।
नोटिस देखकर अक्सर पीड़ित साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं। साइबर अपराधी नकली कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर देते हैं और डिजीटल अरेस्ट की आड़ में व्यक्ति पर कई दिनों तक निगरानी रखते है और उनसे लाखों रूपए ठग लेते हैं। सीबीआई ने स्पष्ट कहा है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कॉन्सेप्ट का भारतीय कानून में कोई कानूनी अस्तित्व नहीं है।
ऐसे स्टेप बाई स्टेप करें नोटिस वेरीफिकेशन : अभय चैटबॉट बताएगा कि नोटिस असली है या फर्जी
- सीबीआई की अधिकृत वेबसाइट https://cbi.gov.in/ पर जाएं
- “ABHAY” पर क्लिक करें
- अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके ओटीपी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करें
- साइबर अपराधियों के जरिए प्राप्त नोटिस की स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करें
- अभय चैटबॉट नोटिस की प्रामाणिकता के बारे में जानकारी देगा और उसे या तो असली बताएगा या संभावित रूप से फर्जी घोषित करेगा
सीबीआई ने नागरिकों को सलाह दीहै कि वे धोखाधड़ी वाली योजनाओंए विशेष रूप से तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” के झांसे में न आएं और ऐसे कॉल से सतर्क रहें। “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी अवधारणा नहीं है। ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं और ऐसे कॉल्स का पालन न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों या साइबर अपराध पोर्टल पर दें।
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