जिंक क्षेत्र में डाउनस्ट्रीम वैल्यू एडिशन को मिलेगी मजबूती-कच्चे माल की सुरक्षित आपूर्ति से औद्योगिक एकीकरण होगा गहरा
एआर लाइव न्यूज। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने ग्रुप निर्मल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षण किये हैं, इसके तहत राजस्थान के भीलवाड़ा के कांखला में स्थापित होने वाले जिंक इंडस्ट्रियल पार्क में एक जिंक वायर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। इस समझौते के तहत, ग्रुप निर्मल हिंदुस्तान जिंक के स्पेशल हाई ग्रेड जिंक का उपयोग कर जिंक वायर बनाएगा। इन जिंक वायर्स का उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में किया जाएगा। Hindustan Zinc partners with Group Nirmal to set up Zinc Wire facility at Zinc Industrial Park in Rajasthan
इन उत्पादों की आपूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोटिव और औद्योगिक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में की जाएगी। जिंक वायर का मुख्य उपयोग थर्मल स्प्रे कोटिंग और मेटलाइजिंग में होता है, जो पुलों, रेलवे, ट्रांसमिशन टावरों और पोर्ट्स जैसे स्टील के ढांचों को जंग से बचाने के लिए बेहद जरूरी है। इससे बुनियादी ढांचे की उम्र बढ़ती है और रखरखाव का खर्च कम होता है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने दिसंबर 2024 में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान इस जिंक पार्क की घोषणा की थी। यह पार्क राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम, रीको के सहयोग से विकसित किया जा रहा है, ताकि जिंक से जुड़ी कंपनियों को कच्चा माल और बेहतर सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें।
वैश्विक प्रतिस्पर्धी इकोसिस्टम बनाने के हमारे विजन को दर्शाती है : सीईओ अरुण मिश्रा
इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि जिंक पार्क एक रणनीतिक पहल है जो भारत में जिंक आधारित उद्योगों के लिए एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी इकोसिस्टम बनाने के हमारे विजन को दर्शाती है। ग्रुप निर्मल के साथ एमओयू इस मंच पर बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। जिंक वायर निर्माण जंग से सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हमारा लख्य रिन्यूएबल एनर्जी और मजबूत सप्लाई चेन के जरिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को सशक्त बनाने का हैं।
इसमें हिन्दुस्तान जिंक ग्रुप निर्मल को कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। यह जिंक पार्क गैल्वनाइजिंग, डाई-कास्टिंग, जिंक-ऑक्साइड और बैटरी सामग्री जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की उम्मीद जगाता है। इससे न केवल औद्योगिक विकास होगा, बल्कि राजस्थान में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

