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पीएमसीएच में हुई डी-एडिक्शन अवेयरनेस वर्कशॉप

pacific medical university faculty of nursing organised De-addiction awareness workshop at PMCH udaipurpacific medical university faculty of nursing organised De-addiction awareness workshop at PMCH udaipur

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज। पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ नर्सिंग की ओर से 12 मई को आने वाले अंतरराष्ट्रीय नर्सेस दिवस 2026 के उपलक्ष में कैरोस-डी-एडिक्शन अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। पीएमसीएच ऑडिटोरियम में हुई वर्कशॉप में संभाग के विभिन्न नर्सिंग एवं स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों के 400 से अधिक स्टूडेंट्स, पीएचडी स्कॉलर्स एवं संकाय सदस्यों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं एवं स्वास्थयकर्मियों में नशे के दुष्प्रभावों, रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास के प्रति जागरूक करना रहा। pacific medical university faculty of nursing organised De-addiction awareness workshop at PMCH udaipur | udaipur news | health news udaipur

कार्यक्रम का शुभारंभ पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के डीन पीजी डॉ. आरके पालीवाल, गीतांजलि कॉलेज ऑफ नर्सिंग की डीन डॉ. विजया अजमेरा, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट भरत पाटीदार, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएस देवड़ा एवं फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. केसी यादव ने किया।

इस अवसर पर आयोजन अध्यक्ष एवं फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन प्रो. डॉ. केसी यादव ने कहा कि वर्तमान समय में नशा युवाओं के भविष्य, मानसिक स्वास्थ्य एवं सामाजिक संरचना के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, जागरूकता एवं सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही नशामुक्त समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

कार्यशाला के प्रथम वैज्ञानिक सत्र में पीएमसीएच के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशीष गोयल ने सब्सटांस एब्यूज के जोखिम विषय पर व्याख्यान देते हुए नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, जोखिम कारकों एवं सामुदायिक स्तर पर रोकथाम की रणनीतियों पर प्रकाश डाला।

द्वितीय सत्र में मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय नागदा ने एडिक्शन के सामाजिक एवं व्यावसायिक विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों, सामाजिक व्यवहार एवं शैक्षणिक प्रदर्शन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंतिम शैक्षणिक सत्र में क्लिनिकल साइकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ दीपक सालवी ने माइंडफुलनेस विषय पर विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, माइंडफुलनेस एवं पुनर्वास प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनकर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन अपनाने का संदेश दिया।

विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों, रोकथाम एवं स्वस्थ जीवनशैली का प्रभावी संदेश दिया गया। कार्यक्रम में प्री एवं पोस्ट टेस्ट, इंटरैक्टिव लर्निंग सेशन्स एवं प्रश्नोत्तर गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण एवं जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में पीएमसीएच के प्रोफेसर डॉ जगदीश विश्नोई, डॉ महेंद्र खत्री, डॉ जयेश त्रिवेदी, डॉ रोहित, डॉ आलोक रावत एवं डॉ धवल उपस्थित रहे।

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