Site iconSite icon AR Live News

फेंफड़ों में जा फंसा 32 mm का स्क्रू: टीबी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने बिना चीरफाड़ निकाला

udaipur TB Hospital doctors remove screw using flexible bronchoscopyudaipur TB Hospital doctors remove screw using flexible bronchoscopy

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर में आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बड़ी स्थित संभाग के सबसे बड़े टीबी एवं चेस्ट हॉस्पिटल के रेस्पिरिएटरी मेडीसिन विभाग के चिकित्सकों ने युवक के फेफड़ों में फंसे 32 एमएम के स्क्रू को श्वास नली के रास्ते निकाल युवक का जीवन बचाया है। चिकित्सकों ने इसमें फ्लेक्सिबल ब्रान्कोस्कोपी तकनीक का सफल प्रयोग किया। कमाल की बात यह है कि यह सबकुछ चिकित्सकों ने बिना किसी चीर-फाड़ और युवक को बेहोश किए बगैर ही किया है। | udaipur TB Hospital | RNT Medical College | flexible bronchoscopy technique | medical news | health news udaipur | hospital news | udaipur news | udaipur breaking news

सहायक प्रोफेसर डॉ. महेश माहिच ने बताया कि युवक सुथारी का काम कर रहा था। काम करते समय वह गलती से एक लंबा स्क्रू निगल गया था, जो सीधे उसके दाएं फेफड़े की श्वास नली में जा फंसा। इसके कारण मरीज को लगातार खांसी, छाती में दर्द और बलगम में खून आने की गंभीर समस्या हो गई थी। परिजन 25 अप्रेल को गंभीर हालत में उसे हॉस्पिटल लेकर आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने अगले ही दिन 26 अप्रैल को फ्लेक्सिबल ब्रान्कोस्कोपी तकनीक प्रयोग करते हुए प्रोसीजर संपन्न किया गया और फेफड़े में फंसे स्क्रू को बिना चीरा लगाए श्वास नली के रास्ते बाहर निकाल दिया। udaipur TB Hospital doctors team remove 32mm screw using flexible bronchoscopy technique

युवक के उपचार में सीनियर प्रोफेसर डॉ. महेन्द्र कुमार बैनाड़ा के मार्गदर्शन में डॉ. महेश माहिच के साथ सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रकाश बिश्नोई, डॉ. भावना, डॉ. हेमकरण, डॉ. गोविन्द, डॉ. राहुल, नर्सिंग अधिकारी गीता और ओटी स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने बताया कि बड़ी स्थित टीबी एवं चेस्ट अस्पताल द्वारा बिना जनरल एनेस्थीसिया (बेहोशी) और बिना किसी सर्जरी के फ्लेक्सिबल ब्रान्कोस्कोपी के जरिए इस स्क्रू को निकालना चिकित्सकों की उच्च स्तरीय कुशलता को दर्शाता है। आमतौर पर ऐसे मामलों में बड़े ऑपरेशन या रिजिड ब्रान्कोस्कोपी की आवश्यकता होती है, लेकिन हमारी टीम ने मिनिमल इन्वासिव के साथ मरीज को राहत दी है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में अब जटिल से जटिल फॉरेन बॉडी रिमूवल की सुविधाएं सुलभ हैं, जो आमजन के लिए राहत की बात है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

रोचक वीडियोज के लिए एआर लाइव न्यूज के https://www.youtube.com/@arlivenews3488/featured यू-ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

Exit mobile version