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केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई

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नई दिल्ली,एआर लाइव न्यूज। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। इससे फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अटकलों पर विराम लग गया है। latest news Petrol Diesel Excise Duty | Excise Duty Cut On Petrol Diesel | latest news hindi | govt cuts excise duty on petrol and diesel

सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपए घटाकर एक्साइज ड्यूटी जीरो कर दी है।  यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में हुई तीव्र वृद्धि के बाद लिया गया है, जो पिछले एक महीने में लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के कारण चार सप्ताह से भी कम समय में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती को लेकर बयान जारी किया है कि इस कदम से देश के लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। साथ ही वे वैश्विक उतार-चढ़ाव की अनिश्चितता से मुक्त रहेंगे। latest news Petrol Diesel Excise Duty | Excise Duty Cut On Petrol Diesel | latest news hindi |

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार उत्पाद शुल्क में कटौती का सीधा असर पंप पर कीमतों में कटौती के रूप में नहीं पड़ रहा है। इसके बजाय, यह सीधे तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन – द्वारा वहन किए जा रहे घाटे (अंडररिकवरी) को कम करता है। 

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार के सामने दो विकल्प थे, या तो अन्य सभी देशों की तरह भारत के नागरिकों के लिए कीमतों में भारी वृद्धि करना, या फिर खुद पर वित्तीय बोझ उठाना ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकारी खजाने पर बोझ डालने का निर्णय लिया। आसमान छूती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के इस दौर में तेल विपणन कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने अपने कर राजस्व में अत्यधिक कमी की है।

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