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एसीबी ट्रेप: थानाधिकारी और कांस्टेबल 8 लाख रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

Udaipur ACB Trap mandwa SHO and constable for taking bribeUdaipur ACB Trap mandwa SHO and constable for taking bribe

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर की इन्टेलीजेन्स यूनिट ने रविवार को ट्रेप कार्रवाई करते हुए उदयपुर जिले के मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री और कांस्टेबल भल्लाराम पटेल को 8 लाख रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एनडीपीएस एक्टे के तहत दर्ज मामले में 4 लोगों को आरोपी नहीं बनाए जाने की एवज में एसीबी के परिवादी से थानाधिकारी निर्मल कुमार ने 20 लाख रूपए की रिश्वत मांगी थी। यह ट्रेप कार्रवाई एसीबी इंस्पेक्टर सोनू शेखावत की टीम ने की है। udaipur acb news | udaipur news latest | acb udaipur news | Udaipur ACB Trap mandwa SHO and constable for taking bribe rs 8 lakh | udaipur police | ACB Rajasthan news | udaipur news | udaipur news in hindi

एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी इन्टेलीजेन्स यूनिट उदयपुर को परिवादी ने शिकायत दी थी। जिसमें परिवादी ने बताया था कि माण्डवा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक प्रकरण दर्ज हुआ था। जिसके अभियुक्तों के परिजनों को आरोपी नहीं बनाने की एवज में थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री प्रति व्यक्ति 5 लाख रूपए के अनुसार 4 परिजनों का कुल 20 लाख रूपए रिश्वत मांग रहा है। रिश्वत नहीं देने पर परिजनों को प्रकरण में फंसा आरोपी बनाने की धमकी देकर परेशान कर रहा है। udaipur acb news | acb udaipur news |

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया तो थानाधिकारी निर्मल खत्री और कांस्टेबल भल्लाराम पटेल के हर एक आरोपी के 5 लाख रूपए के हिसाब से 4 आरोपियों के कुल 20 लाख रूपए रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। परिवादी के काफी निवेदन पर थानाधिकारी निर्मल खत्री 8 लाख रूपए में तैयार हो गया। रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर आज एसीबी इंस्पेक्टर सोनू शेखावत के नेतृत्व में एसीबी टीम ने ट्रेप कार्रवाई करते हुए मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री और कांस्टेबल भल्लाराम पटेल को 8 लाख रूपए (1 लाख रूपए भारतीय मुद्रा एवं 7 लाख रूपए डमी नोट) रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

नियमानुसार एनडीपीएस एक्ट के तहत अगर कोई कार्रवाई किसी थाने द्वारा की जाती है तो उसकी जांच किसी अन्य थानाधिकारी को दी जाती है। पिछले दिनों माण्डवा थाने ने मादक पदार्थों की तस्करी के तहत कार्रवाई कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। माण्डवा थाने की कार्रवाई थी तो माण्डवा थाने में प्रकरण दर्ज हो, जांच बेकरिया थानाधिकारी को सौंप दी गयी। मतलब माण्डवा थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री के पास इस मामले की जांच ही नहीं थी। इसके बावजूद वह गिरफ्तार हुए अभियुक्तों के परिजनों को आरोपी बनाने के लिए उन्हें धमका रहा था और आरोपी नहीं बनाने के लिए रिश्वत मांग रहा था। जबकि आरोपी बनाना उसके अधिकार में ही नहीं था।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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