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खाद्य पदार्थों में मिलावटः तीन वर्षों में 88192 जुर्माने लगाए गए, 3614 मामलों में दोष सिद्ध हुए

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उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के मकसद से भारत में पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2024-25) में देश में कुल 518559 नमूनों का विश्लेषण किया गया। इस अवधि के दौरान 88192 मामलों में दंड का निर्णय लिया गया, 3614 मामलों में दोष सिद्ध हुए और 1161 लाइसेंस रद्द किए गए है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने जवाब में बताया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उसके अंतर्गत बनाए गए विनियमों के अंतर्गत राज्यों,केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा विभागों और एफएसएसएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा पूरे वर्ष दूध, घी, मसाले, शहद, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों की निगरानी व निरीक्षण के साथ ही नमूने लिए जाते है।

देश में खाद्य नियामक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए, खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने खाद्य नमूनों के विश्लेषण के लिए 252 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं और अपीलीय नमूनों के विश्लेषण के लिए 24 रेफरल खाद्य प्रयोगशालाओं को अधिसूचित किया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, जिसे “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” कहा जाता है, के लिए धनराशि भी उपलब्ध कराई है। यह मिलावट से निपटने का एक महत्वपूर्ण साधन है, क्योंकि एफएसडब्‍ल्‍यू विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट की मौके पर ही जांच करने के लिए बुनियादी ढांचे से लैस हैं। वर्तमान में, 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 305 एफएसडब्‍ल्‍यू तैनात हैं।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं। करें

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