कुलपति से रेजिडेंट डॉक्टर्स ने समस्याओं के समाधान की मांग की
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) के कुलपति डॉ प्रमोद येवले के उदयपुर विजिट के दौरान रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल डॉ येवले से मुलाकात कर रेजीडेंट डॉक्टर्स की समस्याओं से अवगत करवाया और समाधान की मांग की। रेजीडेंट डॉक्टर्स ने सबसे अहम बात रही कि परीक्षा में उन्होंने प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए, इसके बावजूद उन्हें शून्य अंक मिले। प्रतिनिधिमंडल ने एमडी एमएस थ्योरी मूल्यांकन में आ रही रीशफलिंग प्रक्रिया की खामियां, मूल्यांकन में त्रुटियां एवं परिणामों में अनावश्यक देरी को प्रमुखता से उठाया। udaipur news | health news : Resident Doctors meets RUHS Vice-Chancellor Dr. Pramod Yeole for Their Grievances and problems
रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (यूआरडीए) के अध्यक्ष डॉ. दीपेन्द्र, संयुक्त सचिव डॉ. आशीष महंत एवं डीडब्ल्यूएफ अध्यक्ष डॉ. विकास बामनिया ने बताया कि आरयूएचएस कुलपति डॉ प्रमोद येवले से शिष्टाचार भेंट करते हुए हमने उन्हें एक मांगपत्र सौंपा हैं। जिसमें हमने रेजीडेंट डॉक्टर्स की समस्याओं के बारे में अवगत करवाया है। उन्होंने भी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। | udaipur news | health news | Resident Doctors association |
रेजीडेंट डॉक्टर्स को आ रही मुख्य समस्याएं
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एमडी एमएस थ्योरी मूल्यांकन में आ रही रीशफलिंग प्रक्रिया की खामियां, मूल्यांकन में त्रुटियां एवं परिणामों में अनावश्यक देरी को प्रमुखता से उठाया। डॉक्टरों ने इसे रेजिडेंट्स के शैक्षणिक भविष्य और मानसिक दबाव से जुड़ा गंभीर विषय बताया। पारदर्शी व निष्पक्ष मूल्यांकन प्रणाली लागू करने की मांग की गई।
- मुल्यांकन में समस्या : सितंबर 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन से ज्ञात हुआ है कि सटीक उत्तर होने के बावजूद कुछ प्रश्नों में शून्य अंक दिए गए और आंशिक रूप से सही उत्तरों पर भी अंक नहीं मिले।
- तकनीकी बाधाएं : केवल स्कैन प्रतियों (ऑनलाइन) के माध्यम से मूल्यांकन करने पर तकनीकी कारणों से कई बार उत्तर पूर्णतः स्पष्ट नहीं दिखाई देते। जिससे त्रुटि की संभावना बनी रहती है।
- अनावश्यक विलंब : रिशफलिंग प्रक्रिया से प्रशासनिक जटिलताएं और समन्वय संबंधी कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे परीक्षा परिणामों में देरी होती है। यह विलंब रेजिडेंट्स पर मानसिक और आर्थिक दबाव डालता है और उनके व्यावसायिक भविष्य को प्रभावित करता है।
समस्याओं के समाधान के लिए सुधार संबंधी मांगें
- संस्थान स्तर पर मूल्यांकनः एमडी, एमएस एवं पीजी पूरक परीक्षा जनवरी 2026 सहित आगामी परीक्षाओं की थ्योरी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्व की व्यवस्था के अनुसार संबंधित मेडिकल कॉलेज में ही एक्सटर्नल परीक्षकों द्वारा कराया जाए।
- हार्ड कॉपी की उपलब्धताः मूल्यांकन की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने हेतु स्कैन प्रति के साथ-साथ हार्ड कॉपी भी परीक्षक को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
- रिशफलिंग पर रोकः उत्तरपुस्तिकाओं की पुनः शफलिंग की वर्तमान प्रक्रिया पर तत्काल पुनर्विचार कर इसे स्थगित किया जाए, हमें पूर्ण विश्वास है कि आपका संवेदनशील निर्णय रेजिडेंट चिकित्सकों के शैक्षणिक हितों की रक्षा भी करेगा।
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