साइबर फ्रॉड पर राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी:समय रहते कार्रवाई से पैसे वापस मिलने की बढ़ती है संभावना
जयपुर,एआर लाइव न्यूज। डिजिटल इंडिया के इस दौर में यूपीआई से भुगतान करना जितना आसान है, उतनी ही सावधानी की भी आवश्यकता है। अक्सर जल्दबाजी या गलत नंबर टाइप होने के कारण हमारी मेहनत की कमाई किसी अनजान व्यक्ति के खाते में चली जाती है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा द्वारा जारी यह नई एडवाइजरी आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। udaipur news cyber fraud
तुरंत सुरक्षित करें डिजिटल सबूत: यूपीआई ऐप पर तुरंत Dispute दर्ज करें
जैसे ही आपको पता चले कि पैसा गलत खाते में चला गया है, सबसे पहले उस ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट लें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप UTR (Unique Transaction Reference) नंबर को कहीं नोट कर लें। यह 12 अंकों का नंबर ही आपकी राशि की रिकवरी का सबसे बड़ा आधार होता है। आप जिस भी ऐप (Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) का उपयोग कर रहे हैं, उसकी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में जाएं। वहां “Report a Problem” या “Raise a Dispute” का विकल्प चुनें। बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को तुरंत सूचित करने से ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना आसान हो जाता है। udaipur news cyber fraud
बैंक को दीजिये सूचना: NPCI पोर्टल: समाधान का अंतिम द्वार
गलत ट्रांजेक्शन होने के बाद बिना समय गंवाए अपने बैंक की निकटतम शाखा में जाएं या कस्टमर केयर को फोन करें। उन्हें बताएं कि पैसा गलती से ट्रांसफर हुआ है। बैंक को लाभार्थी की यूपीआई आईडी, लेन-देन का समय और राशि का विवरण लिखित में दें। आरबीआई के नियमों के अनुसार, समय पर सूचना देने से रिफंड की प्रक्रिया तेज हो जाती है। यदि ऐप या बैंक से संतोषजनक समाधान नहीं मिलता है, तो आप सीधे NPCI (National Payments Corporation of India) के पोर्टल और हेल्पलाइन: 1800-120-1740 पर संपर्क करें।
साइबर पुलिस की विशेष सलाह
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के दबाव या कॉल पर आकर तुरंत भुगतान न करें। भुगतान करने से पहले मोबाइल नंबर या क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद दिखाई देने वाले नाम को दोबारा जांचें। याद रखें, पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी पिन डालने या क्यूआर कोड स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होती।
मदद के लिए तत्काल 1930 पर कॉल करें
यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की आशंका हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in, साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 माध्यमों पर शिकायत दर्ज कराएं।
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