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ईडी ने आदर्श क्रेडिट की 7.72 करोड़ रुपये की प्रोपर्टी को प्रविजनली अटैच किया

Adarsh Credit Co-Operative scam Jaipur ED provisionally attached properties worth in CroreAdarsh Credit Co-Operative scam Jaipur ED provisionally attached properties worth in Crore

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। प्रवर्तन निदेशालय जयपुर की टीम ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा किए गए 3830ण्06 करोड़ रुपये के घोटाले कार्रवाई करते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के नियमों के तहत लगभग 7.72 करोड़ रुपये की चल और अचल प्रॉपर्टीज को प्रोविजनली अटैच किया है। आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव की ईडी अब तक 2176 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी ज़ब्त कर चुका है। Adarsh Credit Co-Operative scam Jaipur ED provisionally attached properties worth 7.72 Crore

ईडी ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप एसओजी राजस्थान पुलिस द्वारा रजिस्टर्ड एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी मुकेश मोदी और राहुल मोदी ने अन्य साथी-सहयोगियों के साथ मिलीभगत कर सोसाइटी के निवेशक और मेंबर्स से करोड़ों रुपये इकट्ठा किए और बाद में आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनीज और उसके डायरेक्टर्स ने यह राशि निकालकर निजी संपत्तियों में लगाकर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की।

ईडी जांच से पता चला कि मुकेश मोदी और परिवार के दूसरे सदस्यों का सोसाइटी और उसके फंड्स पर कंट्रोल था। उन्होंने गरीब इन्वेस्टर्स को उनके इन्वेस्टमेंट पर बहुत ज़्यादा रिटर्न का भरोसा देकर लालच दिया और उसी हिसाब से हजारों करोड़ रुपये जमा किए गए। आरोपियों ने सोसाइटी में जमा निवेशकों के फंड को अनसिक्योर्ड लोन, सोसाइटी में काम करने वाले मुकेश मोदी के परिवार के सदस्यों को इंसेंटिव एक्स-ग्रेटिया पेमेंट, परिवार की फर्म को एजेंसी कमीशन, घाटे में शेयर ट्रेडिंग, रियल एस्टेट और साथियों के दूसरे बिजनेस वगैरह के जरिए डायवर्ट किया गया।

इस तरफ मुकेश मोदी और उनके परिवार के सदस्यों, साथियों और उनकी कंपनियों फर्मों ने लगभग 3830.06 करोड़ रुपये अपराध की आय से अर्जित किए थे। जिसका इस्तेमाल आरोपियों ने चल-अचल प्रॉपर्टी खरीदने में किया।

इस मामले में ने ईडी पहले ही 2176 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी जब्त कर चुकी है। इसके अलावा 139 आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ जयपुर के स्पेशल कोर्ट में एक प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट और एक सप्लीमेंट्री कंप्लेंट फाइल की गई है और स्पेशल कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया है। आगे की जांच चल रही है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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