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वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल का दूसरा दिन वैश्विक कलाकारों के साथ बेहद खास रहा

Vedanta Udaipur World Music Festival 2026 makes day special with global artistsVedanta Udaipur World Music Festival 2026 makes day special with global artists

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। झीलों की नगरी एक बार फिर संगीत की गूंज से सराबोर हुई, जब वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल 2026 अपने दूसरे दिन एक उत्साहपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव के रूप में सामने आया। इसमें भारत और दुनिया भर की विविध संगीत परंपराएं एक साथ देखने को मिलीं। म्यूजिक विदाउट बॉर्डर्स के दस वर्षों का जश्न मनाते हुए फेस्टिवल के दूसरे दिन उदयपुर के प्रतिष्ठित खुले मंचों पर सलीके से चुनी गई प्रस्तुतियों के जरिए संस्कृतियों के बीच संवाद और गहराया। यह फेस्टिवल हिंदुस्तान जिंक और राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से सहर द्वारा परिकल्पित व प्रस्तुत किया गया है। Vedanta Udaipur World Music Festival 2026 makes day special with global artists.

फेस्टिवल की प्रगति पर विचार साझा करते हुए हिंदुस्तान जिंक सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल का दूसरा दिन इस बात को दर्शाता है कि यह मंच दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कलाकारों को एक साथ लाने के साथ-साथ दर्शकों से सार्थक रूप से जुड़ने में कितना सक्षम है। ऐसे मंच उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने और इसे वैश्विक संगीत व सांस्कृतिक आदान-प्रदान के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

दिन की शुरुआत मांझी घाट पर आयोजित एक शांत सुबह के सत्र से हुई, जहां पिछोला झील के शांत जल के बीच दर्शकों को एक आत्मीय और विचारशील संगीत अनुभव से रूबरू कराया गया। राधा बुबुक्वार ने अपने हल्के शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति से सुबह की शुरुआत सादगी और गरिमा के साथ की। इसके बाद फ्रांस की लेस इतिनेरेंटेस ने अपनी अकापेला प्रस्तुति के माध्यम से सुबह के समय में एक कोमल वैश्विक रंग जोड़ा, जिससे दिन की शुरुआत ध्यानमय माहौल में हुई।

फतहसागर पाल पर आयोजित दोपहर के सत्रों ने झील के किनारे एक शांत और मनभावन माहौल रचा। सत्र की शुरुआत अमृत रामनाथ, जिनकी शास्त्रीय संगीत से जुड़ी आधुनिक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को एक सुकून भरे संगीत अनुभव से जोड़ा। इसके बाद केप वर्डे की लुसिबेला ने अपनी भावपूर्ण मोर्ना और कोलाडेरा रचनाओं के माध्यम से दोपहर में आत्मीयता और गहराई जोड़ी। सत्र का समापन ताबा चाके की प्रस्तुति से हुआ, जिनके लोक.संगीत से प्रेरित गीत लेखन और भावनात्मक धुनों ने दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाया।

शाम ढलते ही गांधी ग्राउंड वैश्विक संगीत की रौनक से भरे एक उत्साहपूर्ण मंच में बदल गया। कैमरून की वैलेरी एकौमे ने अफ्रो-पॉप और अफ्रो-रॉक की तालों के साथ मंच पर जोश भर दिया। संगीत की यह ऊर्जा आगे ओएएफएफ की प्रस्तुति के साथ जारी रही, जिनके आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक साउंडस्केप्स ने कार्यक्रम में समकालीन रंग जोड़ा। इसके बाद बहुप्रतीक्षित जोनिता गांधी की प्रस्तुति हुई, जिनकी दमदार मंच उपस्थिति और बहुआयामी गायकी ने फेस्टिवल के दूसरे दिन को यादगार समापन तक पहुंचाया।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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