जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर पर पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च हुआ
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज।नेशनल हाइवे पर अचानक पशुओं के आने से होने वाले हादसे कम करने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने वाहन चालकों को आवारा पशुओं वाले इलाकों के पास आने पर सुरक्षा चेतावनी देने के लिए एक पायलट पहल शुरू की है। इसका मकसद राष्ट्रीय राजमार्ग पर, खासकर कोहरे और कम विजिबिलिटी की स्थिति में, जानवरों के अचानक आने से होने वाले हादसों को कम करना है। National Highway Cattle Safety Alert
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार यह पायलट प्रोजेक्ट जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर पर लागू किया जा रहा है। जिन्हें आवारा जानवरों के आने वाले इलाकों के तौर पर पहचाना गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए लोकेशन बेस्ड अलर्ट जारी किए जाएंगे, जो चिन्हित तौर पर अधिक जोखिम वाले हिस्सों से लगभग 10 किमी पहले चेतावनी देंगे। इससे यात्रियों को सावधानी बरतने के लिए कुछ समय मिल जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर देश भर के अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवारा मवेशियों वाले क्षेत्र में भी इस प्रकार की व्यवस्था की जा सकती है। National Highway Cattle Safety Alert
सुरक्षा चेतावनी फ्लैश एसएमएस से दी जाएगी, वॉयस अलर्ट भी आएगा
राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के साथ प्रभावी संचार सुनिश्चित करने के लिए, पायलट प्रोजेक्ट के दौरान सुरक्षा चेतावनी एक फ्लैश एसएमएस के जरिए दी जाएगी। इसके बाद एक वॉयस अलर्ट भी आएगा। फ्लैश एसएमएस अलर्ट हिन्दी में जारी किया जाएगा, जिसमें लिखा होगा आगे आवारा पशु ग्रस्त क्षेत्र है। कृपया धीरे और सावधानी से चलें। इसके बाद एक वॉयस अलर्ट आएगा जिसमें वही सेफ्टी मैसेज दिया जाएगा। अलर्ट से परेशानी न हो, इसके लिए 30 मिनट के अंदर एक ही यूजर को बार-बार अलर्ट नहीं भेजा जाएगा।
अलर्ट ऐतिहासिक दुर्घटना डेटा के साथ साथ फील्ड लेवल इनपुट के जरिए चिन्हित किये गए मवेशियों वाले क्षेत्र के आधार पर जेनरेट किए जाएंगे और अपग्रेड किए गए टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके डिलीवर किए जाएंगे। इस पहल के तहत, रिलायंस जियो ने इन रियल टाइम अलर्ट को देश भर में डिलीवर करने के लिए अपने प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया है।
उदयपुर संभाग में भी है बड़ी समस्या
अचानक पशुओं के आने से उदयपुर संभाग में भी हाइवे पर अब तक कई हादसे हो चुके है। खासकर उदयपुर-जयपुर,उदयपुर-पिंडवाड़ा और उदयपुर-चित्तौड़ हाइवे पर पशुओं के आने की समस्या आम बात हो चुकी है। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ऐसे में उदयपुर संभाग से गुजरने वाले हाइवे पर भी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस प्रकार की सुरक्षा प्रणाली की व्यवस्था करता हो इस क्षेत्र में भी लोगों को सफर और ज्यादा सुरक्षित बन सकता है।
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