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अजय मुर्डिया v/s विक्रम भट्ट : हाईकोर्ट से भट्ट को नहीं मिली राहत, FIR क्वैश की एप्लीकेशन खारिज

ajay Murdia vs Vikram Bhatt jodhpur High Court rejected vikram bhatt application to quash FIRajay Murdia vs Vikram Bhatt jodhpur High Court rejected vikram bhatt application to quash FIR

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। इंदिरा आईवीएफ और इंदिरा एंटरटेनमेंट के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में न्यायिक अभिरक्षा में उदयपुर सेंट्रल जेल में बंद फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को हाईकोर्ट से एक और झटका लगा है। जोधपुर हाईकोर्ट ने आज सोमवार को आदेश जारी कर एफआईआर क्वैश करने की एप्लीकेशन खारिज कर दी है। विक्रम भट्ट के साथ ही एफआईआर क्वैश करने की अन्य सहआरोपियों की एप्लीकेशन भी खारिज कर दी गयी हैं। ajay Murdia v/s Vikram Bhatt : jodhpur High Court rejected vikram bhatt application of quash FIR

जोधपुर हाईकोर्ट के न्यायाधीश समीर जैन ने ऑर्डर जारी करते हुए कहा कि मामले में प्रस्तुत किए गए तर्कों के साथ एफआईआर को पढ़ा जाए, तो पुलिस द्वारा शुरुआती जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों के साथ, प्रथमदृष्ट्या 2.5 करोड़ रुपये का गबन का आरोप सामने आता है, इसमें फंड का गलत इस्तेमाल और हेराफेरी शामिल है। मामले में आरोपियों की बेईमानी की मंशा, बिचौलिए के खातों का इस्तेमाल और बढ़ा-चढ़ाकर फर्जी बिल शामिल हैं, ऐसे में इस मामले को इस स्टेज पर सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने का मामला (सिविल मैटर) नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि मामले की जांच डीएसपी छगन राजपुरोहित कर रहे हैं। अब तक मामले में फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी, को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसारी, वेंडर संदीप त्रिभोवन को गिरफ्तार किया गया है।

न्यायाधीश ने कहा यहां ध्यान देने योग्य है कि प्रथमदृष्ट्या लगता है कि याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में गलत इरादे से संपर्क किया है, याचिकाकर्ताओं (विक्रम भट्ट एवं अन्य) द्वारा अग्रिम/ट्रांजिट जमानत याचिका दायर की गयी थी जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि पुलिस को आरोपियों (विक्रम भट्ट एवं अन्य) के खिलाफ 28 अक्टूबर को शिकायत मिली, जांच अधिकारी द्वारा एक शुरुआती जांच की गई जिसमें दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की जांच शामिल थी और उसके बाद ही एफआईआर दर्ज की गई। 23 नंवबर और 29 नवंबर को याचिकाकर्ताओं (विक्रम भट्ट एवं अन्य) को नोटिस जारी किए गए, जिनके जवाब असंतोषजनक थे।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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