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सीवर और सेप्टिक टैंकों में सफाई करने उतरे 471 सफाई कर्मचारियों गंवाई जान

471 sanitation workers in india lost their lives cleaning sewers and septic tanks during last 5 years471 sanitation workers in india lost their lives cleaning sewers and septic tanks during last 5 years

लकी जैन, उदयपुर। सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए सरकारी स्तर पर और प्रशासनिक स्तर पर कई नियम बनाए जाने और सख्त प्रावधान किए जाने के बावजूद देश में वर्ष 2019 से 31 अक्टूबर 2025 तक सीवर और सेप्टिक टैंकों में उतरकर सफाई करने के कारण 471 सफाई कर्मचारियों को जान गंवानी पड़ी है। NAMASTE Scheme for sanitation workers : 471 sanitation workers in india lost their lives cleaning sewers and septic tanks during last 5 years

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी है। ये आंकड़े वास्तव में बेहद चिंताजनक हैं, जो समाज की एक गंदी तस्वीर पेश करते हैं। आज के समय में सफाई की मशीनें होने के बावजूद चंद रूपयों के लालच में लोग सफाई कर्मचारियों को सीवर और सैप्टिक टैंक में उतर कर सफाई करने को मजबूर करते हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2019 से 31 अक्टूबर 2025 तक सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक श्रेणी की सफाई के कारण 471 सफाई कर्मचारियों की जान चली गई है। इनमें से 397 मृतकों के परिजनों को पूर्ण मुआवजा और 19 मृतकों के परिजनों को आंशिक मुआवजा प्रदान किया गया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री अठावले ने यह जानकारी भी दी है कि हाथ से मैला ढोने वालों के रूप में रोजगार पर प्रतिबंध और उनके पुनर्वास अधिनियम 2013 की धारा 7 सीवर या सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई पर रोक लगाती है। सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई से निपटने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सहयोग से 2023-24 में देश के सभी शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वयन हेतु मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना नमस्ते शुरू की है। 

इसका उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों (एसएसडब्ल्यू) की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना तथा उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। साथ ही स्वच्छता कार्यों में शून्य मृत्यु दर प्राप्त करना और यह सुनिश्चित करना भी इसका लक्ष्य है कि कोई भी स्वच्छता कर्मचारी मानव मल के सीधे संपर्क में न आए।

सीवर और सेप्टिक टैंकों में मैन्युअल प्रवेश से बचने और सीवर और सेप्टिक टैंकों की मशीनीकृत सफाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने नमस्ते योजना के तहत कई कदम उठाए है। इसमें आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों(ईआरएसयू) के लिए सुरक्षा उपकरण, स्वच्छता कर्मचारियों और निजी स्वच्छता सेवा संचालकों (पीएसएसओ) को स्वच्छता संबंधी मशीन, उपकरणों की खरीद के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी, सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण और सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई की रोकथाम पर कार्यशालाएं शामिल है। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने सीवर और सेप्टिक टैंकों की सुरक्षित सफाई के लिए सलाह भी जारी की है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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