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साईबर अपराध: भारत सरकार ने 11.14 लाख से अधिक सिम कार्ड और 2.96 लाख आईएमईआई किए ब्लॉक

Cyber crime: Indian government has blocked over 1.11 million SIM cards and 296,000 IMEI numbersCyber crime: Indian government has blocked over 1.11 million SIM cards and 296,000 IMEI numbers

देवेंद्र शर्मा,उदयपुर एआर लाइव न्यूज। तकनीकी संसाधनों के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ भारत में साईबर अपराध भी बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार साइबर अपराधों से व्यापक और समन्वित तरीके से निपटने के तंत्र को लगातार मजबूत करने में लगी है। इसी प्रयास के फलस्वरूप अब तक भारत सरकार 11.14 लाख से अधिक सिम कार्ड और 2.96 लाख आईएमईआई ब्लॉक कर चुकी है। जबकि अब तक 23 लाख से अधिक शिकायतों में 7130 करोड़ से अधिक की वित्तीय राशि बचाई गई है। Cyber crime in india

गृह मंत्रालय से प्राप्त जानकारी अनुसार गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए  भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र 14 सी की स्थापना की है। इसके भाग एक के रूप में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) शुरू किया गया है ताकि आम जनता सभी प्रकार के साइबर अपराधों से संबंधित घटनाओं की रिपोर्ट कर सके। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर। इस पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराध की घटनाओं, उनकी एफआईआर में रूपांतरण और उसके बाद की कार्रवाई, कानून के प्रावधानों के अनुसार संबंधित राज्य,केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की जाती है। Cyber crime in india

वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना देने और धोखेबाजों द्वारा धन की हेराफेरी रोकने के लिए 14 सी के अंतर्गत नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली यानी सीएफसीएफआरएमएस वर्ष 2021 में शुरू की गई है। अब तक 23.02 लाख से अधिक शिकायतों में 7,130 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय राशि बचाई गई है। ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराने में सहायता के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया गया है।

आई4सी में एक अत्याधुनिक साइबर धोखाधड़ी शमन केंद्र यानी सीएफएमसी स्थापित किया गया है, जहां प्रमुख बैंकों, वित्तीय मध्यस्थों, भुगतान एग्रीगेटर्स, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, आईटी मध्यस्थों और राज्यों,संघ राज्य क्षेत्रों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि साइबर अपराध से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई और निर्बाध सहयोग के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई सूचना के अनुसार अब तक भारत सरकार द्वारा 11.14 लाख से अधिक सिम कार्ड और 2.96 लाख आईएमईआई ब्लॉक किए जा चुके हैं।

अब तक राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला(जांच)नई दिल्ली ने साइबर अपराधों से संबंधित लगभग 12,952 मामलों में राज्य, संघ राज्य क्षेत्र के एलईए को अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। देश में साइबर सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने हेतु विशेष प्रशिक्षण से लैस साइबर कमांडो की एक विशेष शाखा की स्थापना हेतु केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा सितंबर 2024 में साइबर कमांडो कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। अब तक 281 साइबर कमांडो ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

बैंकों, वित्तीय संस्थानों के सहयोग से 14 सी द्वारा सितंबर 2024 में साइबर अपराधियों की पहचान करने वालों की एक संदिग्ध रजिस्ट्री शुरू की गई है। अब तक बैंकों और 24.67 लाख लेयर 1 म्यूल खातों से प्राप्त 18.43 लाख से अधिक संदिग्ध पहचानकर्ताओं के डेटा को संदिग्ध रजिस्ट्री की भागीदार संस्थाओं के साथ साझा किया गया है और 8031.56 करोड़ रुपये के लेनदेन को अस्वीकृत किया गया है।

समन्वय प्लेटफ़ॉर्म को प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) प्लेटफ़ॉर्म, एडेटा संग्रह और साइबर अपराध डेटा साझाकरण एवं विश्लेषण हेतु एलईए के समन्वय प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करने के लिए चालू किया गया है। यह विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर अपराध की शिकायतों में शामिल अपराधों और अपराधियों के अंतरराज्यीय संपर्कों पर आधारित विश्लेषण प्रदान करता है। इसके परिणामस्वरूप 16,840 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है और 1,05,129 साइबर जांच सहायता अनुरोध प्राप्त हुए हैं।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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