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वेदांता के पिंक सिटी हाफ मैराथॉन 2025 में 15000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया

Vedanta Pink City Half Marathon 2025 more than 15000 participated in marathon in jaipurVedanta Pink City Half Marathon 2025 more than 15000 participated in marathon in jaipur

जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। वेदांता पिंक सिटी हाफ मैराथॉन के 10वें संस्करण जयपुर में आयोजित हुआ। 15000 प्रतिभागियों ने वेदांता के रन फॉर जीरो हंगर मूवमेंट को समर्थन देने के लिए रेस में हिस्सा लिया, जिसके द्वारा नंद घरों के बच्चों के लिए 1 लाख पोषण पैक जुटाए गए। वेदांता लिमिटेड के सहयोग से एनीबॉडी कैन रन द्वारा एनआरआई चौराहा, महल रोड़ पर आयोजित हाफ मैराथान को वेदांता की नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया। Vedanta Pink City Half Marathon 2025

भारतीय स्प्रिंट एथलीट सूफिया सूफी और वेदांता पीजी गर्ल्स कॉलेज, रींगस के छात्रों ने भी रन फॉर ज़ीरो हंगर को अपना समर्थन दिया। हाफ मैराथन के बाद प्रतिभागियों को हिंदुस्तान जिंक द्वारा उत्पादित शुद्ध जिंक से बने फिनिशर्स मैडल से सम्मानित किया गया। 21 किलोमीटर की हाफ मैराथान, 10 किलोमीटर की कूल रन और बिगीनर्स एवं परिवरों के लिए 5 किलोमीटर की ड्रीम रन मैराथन हुई। 21 किलोमीटर की मेल कैटेगरी में बबलू सिसोदिया, फीमेल कैटेगरी में उजाला और 10 किलोमीटर की मेल कैटेगरी में पवन कुमार, फीमेल कैटेगरी में सलोनी विजेता बने।

हिंदुस्तान जिंक की चेयरपसैन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा वेदांता पिंक सिटी हाफ मैराथॉन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि यह स्वस्थ भारत के लिए लोगों के आंदोलन के रूप में उभरा है। आज यह आयोजन और भी खास हो गया है क्योंकि हर धावक के द्वारा उठाए गए हर एक कदम ने एक बच्चे को पोषण प्रदान किया।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, यह देखकर अच्छा लगता है कि हजारों धावक न सिर्फ फिटनैस के लिए दौड़ रहे हैं, बल्कि देश के नंदघरों में बच्चों के जीवन को प्रभावित करने के लिए इस रेस में हिस्सा ले रहे हैं। जब खेल का उपयोग जन कल्याण के लिए किया जाता है तो यह और भी शक्तिशाली बन जाता है।

गौरतलब है कि नंदघर कंपनी की मुख्य समाज प्रभाव परियोजना है जो देश भर की आंगनवाड़ियों में बदलाव लाकर बच्चों के लिए सुपोषित एवं स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित कर रही है। इस पहल के तहत प्रतिभागियों द्वारा तय किए गए प्रत्येक किलोमीटर रन को नंद घर के बच्चों के लिए एक पोषण पैक में बदला गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से विकसित नंदघर बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं एवं शुरूआती शिक्षा तथा महिलाओं को कौशल विकास एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान करते हैं। 16 राज्यों में 10000 से अधिक नंदघरों के साथ यह पहल ग्रामीण समुदायों के उत्थान के प्रयासों को जारी रखे हुए है। यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा भूखा न सोए और हर महिला को सशक्त जीवन जीने का अधिकार मिले।

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