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गृह मंत्रालय की रिपोर्ट : धीरे-धीरे सिमटने लगा नक्सल प्रभावित एरिया

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज।)। देश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास और लगातार बरती जा रही सख्ती का असर अब दिखने लगा है। देश के जवानों की कड़ी मेहनत और संघर्ष के परिणाम स्वरूप नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 6 थी वो अब घटकर सिर्फ 3 रह गई है। इधर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर केवल 11 रह गई है।

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार नक्सल मुक्त भारत बनाने के मोदी सरकार के संकल्प की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 6 से घटकर सिर्फ 3 रह गई है। अब केवल छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही वामपंथी उग्रवाद (LWE) से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या भी 18 से घटकर केवल 11 रह गई है। इस प्रकार अब केवल 11 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं। मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है। Ministry of Home Affairs (MHA) report Naxal-affected areas constantly shrinking

गृहमंत्रालय के अनुसार केन्द्रीय गृहमंत्री अमितशाह के निर्देशन में इस वर्ष नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इन अभियानों में 312 वामपंथी कैडरों को मार गिराया गया है, जिनमें सीपीआई (माओवादी) महासचिव और पोलित ब्यूरो केन्द्रीय समिति के 8 अन्य सदस्य शामिल हैं। 836 वामपंथी कैडरों को गिरफ्तार किया गया है और 1639, जिनमें एक पोलित ब्यूरो सदस्य और एक केन्द्रीय समिति सदस्य शामिल हैं, ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण किया है।

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा जिसे भारत की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती कहा गया। वह नक्सलवाद अब स्पष्ट रूप से पीछे हट रहा है। नक्सलियों ने नेपाल के पशुपति से आंध्र प्रदेश के तिरुपति तक एक लाल कोरिडोर स्थापित करने की योजना बनाई थी। वर्ष 2013 में विभिन्न राज्यों के 126 जिलों में नक्सल संबंधी हिंसा रिपोर्ट की गई थी, जबकि मार्च 2025 तक यह संख्या घटकर केवल 18 जिलों तक सीमित रह गई थी और इनमें से केवल 06 सबसे अधिक प्रभावित जिले की श्रेणी में थे।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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