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पुलिस ने सेना के 28 फर्जी जवान पकड़े: FCI गोदामों पर एटीएस की छापेमारी

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जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान पुलिस की एंटी टेरेरिज्म स्क्वॉयड (एटीएस) ने ऑपरेशन स्क्वॉयर पिरामिड चलाकर प्रदेश में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के कार्यालयों और गोदामों पर छापेमारी कर भारतीय सेना के 28 फर्जी भूतपूर्व जवानों को पकड़ा है। ये 28 आरोपी कभी भी भारतीय सेना में नहीं रहे, लेकिन फर्जी दस्तावेजों लगाकर सुरक्षा एजेंसियों के जरिए एफसीआई में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहे थे। इस संबंध में आज शुक्रवार को एटीएस के एडीजी वीके सिंह और आईजी विकास कुमार ने पूरे मामले की जानकारी देकर बड़े स्तर पर हो रहे फर्जीवाड़े और सुरक्षा व्यवस्थाओं में सेधमारी का खुलासा किया है। rajasthan police ATS arrest 28 fake ex army personnel raids FCI warehouses

आईजी विकास कुमार ने बताया कि हमें पिछले दो-तीन महीनों से लगातार गोपनीय सूचनाएं मिल रही थी कि प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों और दलालों के कुछ ऐसे गिरोह चल रहे हैं जो सामान्य युवा को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिक बनाकर सरकारी उपक्रमों और सरकारी संस्थानों में सुरक्षा गार्ड की नौकरी दिलवा रहे हैं। जबकि इन लोगों ने कभी भारतीय सेना में काम नहीं किया है।

एटीएस की टीमों ने लगातार 2 महीनों तक इस इनपुट पर काम कर एफसीआई की मदद से वेरीफिकेशन किया तो वहां भारतीय सेना के फर्जी जवान की नियुक्ति होने का पता चला। इस पर एटीएस टीमों ने एक साथ प्रदेश में एफसीआई के 31 कार्यालयों और गोदामों पर छापेमारी कर वहां नियुक्त 28 सुरक्षा गार्ड को पकड़ा, जो भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिक बनकर वहां काम कर रहे थे। इस पूरे रैकेट में बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी भी चल रही है। सरकारी उपक्रम जिन सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से सुरक्षा गार्ड नियुक्त करती है, इस रैकेट में उन सुरक्षा एजेंसियों की पूरी मिलीभगत है।

आईजी विकास कुमार ने बताया कि एफसीआई सहित प्रदेश और राज्य सरकार के ऐसे कई उपक्रम हैं, जहां नियुक्तियों में भारतीय सेना के भूतपूर्व जवानों को प्राथमिकता मिलती है या 90 प्रतिशत का कोटा तय है। इसमें ज्यादातर नियुक्ति सुरक्षा गार्ड के पद पर की होती है। ये सरकारी उपक्रम कुछ प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों के जरिए सुरक्षा गार्ड नियुक्त करती है। ये प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी ही भूतपूर्व सैनिकों के सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराने सहित व्यक्ति की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड संबंधी सभी दस्तावेजों का वैरीफिकेशन करती हैं। इन सुरक्षा एजेंसियों को भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिकों के कोटा का पता होता है।

कुछ सुरक्षा एजेंसियों ने इसी बात का फायदा उठाकर लोगों को एफसीआई सहित अन्य सरकारी उपक्रमों में नौकरी दिलवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से मोटी राशि वसूली। नौकरी के लालच में आकर ये युवा भी सेना के फर्जी भूतपूर्व सैनिक बन गए। इन निजी सुरक्षा एजेंसियों ने दलालों की मदद से इन युवाओं के भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिक होने के फर्जी रक्षा सेवा प्रमाणपत्र, रिकमंडेशन लेटर, पीपीओ लेटर, एक्स सर्विसमेन होने का प्रमाणपत्र और सेना की वर्दी पहने हुए की फोटो लगे फर्जी प्रमाणपत्र बनाए। एफसीआई में इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए 28 लोगों को भारतीय सेना का भूतपूर्व जवान बताकर सुरक्षा गार्ड की नौकरी दिलवा दी।

इन सुरक्षा एजेंसियों ने नौकरी दिलवाने में तो इन युवाओं से मोटी रकम वसूली ही, अब एफसीआई से मिलने वाले 21 हजार रूपए वेतन में से भी प्रतिमाह 2 से 3 हजार रूपए कमीशन लेती हैं।

आईजी विकास कुमार ने बताया अभी तो एफसीआई में कार्यरत सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई हुई है, एक-एक कर दूसरे सरकारी संस्थानों में भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिक कोटे में कार्यरत फर्जी जवानों पर भी कार्रवाई की जाएगी और इस पूरे रैकेट और फर्जीवाड़े में शामिल निजी सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

पुलिस ने बताया कि ये गिरोह धोखाधड़ी कर न सिर्फ भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिकों का हक मार रहे है, बल्कि सुरक्षा दृष्टि से भी चिंताजनक हैं। कल को इन लोगों द्वारा सरकारी उपक्रम में कोई भी वारदात की जाती है, तो इससे भारतीय सेना की छवि खराब होती।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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