कंपनी के सभी स्मेल्टर और चार माइंस अब महिला इंजीनियरों के साथ पूर्णकालिक रूप से संचालित
एआर लाइव न्यूज। हिन्दुस्तान जिंक ने विविधता और समावेशन नीति के तहत ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जिंक स्मेल्टर देबारी में महिला कर्मचारियों के लिए नाईटशिफ्ट की शुरुआत की है। कंपनी ने अपने सभी प्रमुख परिचालनों में महिला कर्मचारियों के लिए पहले ही बैकशिफ्ट (दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक) शुरू कर दी थी और अब नाइटशिफ्ट (रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक) भी शुरू कर दी है, इनमें राजस्थान और उत्तराखंड में रामपुरा आगुचा माइन, पंतनगर मेटल प्लांट, चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स, कायड़ माइन, जावर माइंस और सिंदेसर खुर्द माइन शामिल हैं। Hindustan Zinc Introduces Nightshift for Women at Zinc Smelter Debari, Udaipur
नाईट शिफ्ट के साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस तरफ हिन्दुस्तान जिंक ने 26 प्रतिशत से अधिक का जेंडर डायवर्सिटी अनुपात हासिल किया है।
2030 तक 30 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व प्राप्त करना लक्ष्य है
इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि यह भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारे जिंक स्मेल्टर देबारी में महिलाओं को नाइटशिफ्ट में शामिल कर हम न केवल बाधाओं को तोड़ रहे हैं, बल्कि समावेशन के नए मानक भी स्थापित कर रहे हैं। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा भारत की पहली महिला भूमिगत खदान प्रबंधकों की नियुक्ति से लेकर देश की पहली महिला भूमिगत खदान बचाव टीम की स्थापना तक, कंपनी की अग्रणी पहल लैंगिक समावेशन के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हिन्दुस्तान जिंक का प्रमुख अभियान वुमेन ऑफ जिंक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें 2030 तक 30 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व प्राप्त करने का लक्ष्य है।

