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प्रदेश में सबसे ज्यादा भूजल दोहन चित्तौड़गढ़ में

Chittorgarh is in dark zone in groundwater exploitation in rajasthanChittorgarh is in dark zone in groundwater exploitation in rajasthan

जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान के विभिन्न जिलों में भूजल का गिरता स्तर चिंता का कारण बनता जा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार राजस्थान भूजल संरक्षण एवं प्रबंधन बिल लेकर आ रही है। इस संबंध में बुधवार को भू-जल मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में गिर रहे भूजल स्तर को देखते हुए भूजल दोहन को नियंत्रित करना अति आवश्यक हो गया है। इसके लिए राज्य सरकार राजस्थान भूजल संरक्षण एवं प्रबंधन बिल लेकर आ रही है। Chittorgarh is in dark zone in groundwater exploitation in rajasthan

इस बिल में औद्योगिक इकाइयों द्वारा किये जा रहे भूजल के दोहन एवं पुनर्भरण से सम्बंधित नियम समाहित है। उन्होंने बताया कि इस बिल के कड़े प्रावधानों के माध्यम से प्रदेश के किसानों एवं व्यक्तिगत उपयोग हेतु भूजल दोहन की योजनाओं के अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों द्वारा किये जा रहे भूजल दोहन को नियंत्रित किया जा सकेगा। यह बिल विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत किया जा चुका है।

भूजल के संबंध में एक विधायक चन्द्रभान सिंह चौहान द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए भूजल मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने विधानसभा में बताया कि संपूर्ण देश की तुलना में प्रदेश में भूजल दोहन की मात्रा लगभग 147 प्रतिशत है। वहीं राजस्थान में सबसे ज्यादा भूजल दोहन चित्तौड़गढ़ जिले में होता है। यही कारण है कि चित्तौड़गढ़ जिला प्रदेश के डार्क जोन में आता है। चित्तौड़गढ़ को “भूजल का स्तर अत्यधिक गिर गया है” की श्रेणी में रखा गया है। मंत्री ने बताया कि चित्तौड़गढ़ में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। प्रदेश में व्याप्त इस समस्या के निवारण के लिए ही राज्य सरकार द्वारा राजस्थान भूजल संरक्षण एवं प्रबंधन बिल लाया जा रहा है।

भू-जल मंत्री ने बताया कि जिला चित्तौड़गढ़ में भूजल आंकलन प्रतिवेदन मार्च 2024 के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले की भूजल दोहन दर 161.62 प्रतिशत है एवं श्रेणी अतिदोहित में वर्गीकृत है। उन्होंने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले के भैसरोडगढ, गंगरार, बेंगू, डूंगला, बड़ी सादडी, भदेसर, चित्तौड़गढ़, राशमी, भोपालसागर, कपासन एवं निम्बाहेड़ा ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में वर्गीकृत है।

उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में भूजल दोहन पर नियंत्रण, भूजल संरक्षण एवं प्रबधन के लिए बिल विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत किया जा चुका है। भू -जल मंत्री ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा किए जा रहे जल दोहन पर राज्य सरकार द्वारा नियंत्रण करने हेतु भूजल संरक्षण एवं प्रबंधन बिल विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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