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साइबर ठगों ने 196 करोड़ रूपए ठगे: प्रदेश में साइबर ठगी के 3 वर्षों में 2258 मुकदमें दर्ज

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लकी जैन,उदयपुर। डिजीटल क्रांति के साथ ही साइबर क्राइम पुलिस और आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। साइबर अपराधियों के संगठित गिरोह किसी भी जगह से बैठकर लोगों को ठग रहे हैं। पिछले तीन सालों में साइबर ठगी का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। राजस्थान में बीते तीन वर्षों में 196 करोड़ रूपए से अधिक राशि साइबर ठगों द्वारा भुगतान प्रणाली के जरिए ठगी गयी है। वहीं जनवरी 2022 से दिसंबर 2024 के बीच प्रदेश में 2258 मुकदमें साइबर क्राइम के तहत ऑनलाइन पेमेंट प्रोसेज के जरिए हुई जालसाजी के दर्ज हुए हैं। cyber fraud in rajasthan 2258 case of online payment fraud registered in last three years, more than 196 crore fraud happened

पुलिस जिले की बात करें तो साइबर ठगी के सर्वाधिक मामले भरतपुर और उदयपुर में दर्ज हुए हैं। वहीं जयपुर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, ग्रामीण सभी मिला दें तो जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर में सर्वाधिक मामले दर्ज हुए हैं।

पुलिस विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2024 के बीच प्रदेश में साइबर ठगी के 2258 मुकदमें दर्ज हुए हैं, जिसमें आमनागरिक के साथ जालसाजी कर साइबर ठगों ने 196 करोड़ रूपए से अधिक की राशि ठगी है, वहीं काफी प्रयासों के बाद पुलिस 30 करोड़ रूपए ही रिकवर कर सकी है, दर्ज हुए 2258 मुकदमों में से पुलिस 297 मामलों में चालान पेश कर 938 आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकी है, जो कि करीब 15 प्रतिशत का अनुपात है।

आंकड़ों पर गौर करें तो साइबर ठगी के सर्वाधिक मामले जयपुर में 385 (जयपुर पूर्व 97, जयपुर पश्चिम 145, जयपुर दक्षिण 103, जयपुर उत्तर 37 और जयपुर ग्रामीण में 3), भरतपुर में 298, उदयपुर में 202, कोटा में 177 (कोटा शहर में 166, ग्रामीण में 11), जोधपुर में 127 (जोधपुर पूर्व 49, पश्चिम 60 और ग्रामीण में 18 ) मुकदमें दर्ज हुए हैं। पुलिस जिला, क्षेत्रफल और आबादी के अनुसार देखा जाए तो साइबर ठगी में भरतपुर और उदयपुर की स्थिति अन्य जिलों की तुलना में काफी खराब है। यहां के लोग साइबर ठगों का शिकार आसानी से बन रहे हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी 2022 से जनवरी 2025 तीन वर्षों के बीच साइबर ठगों ने उदयपुर को टारगेट करते हुए यहां की जनता के साथ जालसाजी कर 8 करोड़ 26 लाख से अधिक की राशि की ऑनलाइन ठगी की है, हालांकि उदयपुर पुलिस ने लगातार प्रयास कर ठगे गए 8 करोड़ में करीब 2 करोड़ रूपए रिकवर भी करवाए हैं। उदयपुर में साइबर ठगी के 202 मामले दर्ज हुए हैं। इन साइबर ठगों को गिरफ्तार कर पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है, यही कारण है कि पुलिस इन 202 मामलों में मात्र 8 मामलों से जुड़े 18 आरोपियों को ही अरेस्ट कर सकी है।

उदयपुर में दर्ज मामलों में कुछ मामले डिजीटल अरेस्ट के हैं, जिनमें साइबर ठगों ने पीड़ित को कॉल कर किसी न किसी आपराधिक मामले से संबंधित होने की झूठी जानकारी देकर पीड़ित को डराया और फिर डिजीटल अरेस्ट कर लाखों रूपए ठग लिए। डिजीटल अरेस्ट के अलावा ऑनलाइन गेमिंग, शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के जरिए अच्छे मुनाफे का लालच देकर भी साइबर ठग आमलोगों के साथ जालसाजी कर रहे हैं। जैसे ही पीड़ितों ने साइबर ठगों पर भरोसा कर उनके भेजे लिंक पर क्लिक किया या अच्छे मुनाफे के लालच में साइबर ठगों द्वारा बताए स्टेप फोलो किए उनके बैंक खाते खाली होते चले गए।।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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