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उदयपुर कोटड़ा स्कूल हादसा: कार्यवाहक एईएन (शिक्षक) निलंबित, ठेकेदार पर एफआईआर

Udaipur kotra under constructed school building chajja collapse , 1 girl died, 1 injuredUdaipur kotra under constructed school building chajja collapse , 1 girl died, 1 injured

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। स्वतंत्रता दिवस पर उदयपुर के कोटड़ा थाना इलाके के पाथरपाड़ी गांव स्थित पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के निर्माणाधीन भवन का छज्जा गिरने से एक बालिका की मौत मामले में सख्ती दिखाते हुए शिक्षा विभाग ने कार्यवाहक सहायक अभियंता (एईएन) हेमसिंह (मूल पद तृतीय श्रेणी अध्यापक) और संविदा पर कार्यरत सिविल कन्सलटेंट को निलंबित कर दिया है, वहीं स्कूल बिल्डिंग निर्माण कर रही ठेकेदार फर्म मैसर्स दिव्यांशी एन्टरप्राईजेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवायी है। विभाग ने माना कि छज्जे में लिंटा भराई ठीक से नहीं करने और शटरिंग समय से पूर्व हटाने की वजह से हादसा घटित हुआ है। Udaipur kotra under constructed school building chajja collapse

कोटड़ा के पाथरपाड़ी गांव में पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, अभी कक्षाएं पास की दूसरी बिल्डिंग में चलती हैं। शुक्रवार को 15 अगस्त के चलते निर्माणाधीन भवन के पास अन्य भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के कार्यक्रम चल रहे थे, इस दौरान निमार्णाधीन स्कूल भवन का छज्जा गिरा और वहां से गुजर रहीं दो बालिकाएं छज्जे के मलबे की चपेट में आ गयीं। हादसे में एक बालिका की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि दूसरी गंभीर घायल हुई, जिसे परिजन गुजरात के नजदीक अस्पताल लेकर पहुंचे।

स्कूल में हुए हादसे और सरकार द्वारा जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन लेने के बीच एक सवाल बार-बार उठ रहा है कि शिक्षा विभाग ने एईएन जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी स्कूल के तृतीय श्रेणी अध्यापक को क्यों दी थी। सरकार ने तृतीय श्रेणी अध्यापक कार्यवाहक एईएन हेम सिंह को निलंबित तो कर दिया, पर यह सवाल बाकि है कि क्या सरकार के पास सिविल इंजीनियर नहीं हैं क्या.? तृतीय श्रेणी शिक्षक को सिविल इंजीनियर की जिम्मेदारी देना कहां तक सही है.? क्या एक तृतीय श्रेणी शिक्षक ठेकेदार द्वारा की जाने वाली गड़बड़ियों को चेक करने में सक्षम है। शिक्षक स्कूल में पढ़ाने के लिए तो पारंगत है और उसने उसकी ट्रेनिंग भी ली हुई है, लेकिन एक शिक्षक को उसके कार्य से विपरीत सिविल इंजीनियरिंग के सहायक अभियंता की जिम्मेदारी देना कहां तक ठीक है.?

शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माणाधीन विद्यालय का छज्जा गिरने से भवन के पास से गुजर रही एक बालिका की मौत हो गयी और अन्य बालिका घायल हो गयी है। दोनों विद्यालय की छात्राएं नहीं हैं। निर्माणाधीन भवन में विद्यालय संचालित नहीं है। विद्यालय अन्यत्र संचालित है। हादसा गुणवत्ता में कमी के चलते नहीं, बल्कि कार्य में संवेदक द्वारा लापरवाही के चलते घटित हुआ है। छज्जे में लिंटा भराई ठीक से न करने और शटरिंग समय से पूर्व हटाने की वजह से हादसा घटित हुआ, जिसमें एक बच्ची की मौत हो गयी।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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