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प्रदेश के 224 नगरीय निकायों में अब तक 2699 जर्जर भवन चिन्हित

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जयपुर,एआर लाइव न्यूज। झालावाड़ जिले में सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत के बाद जर्जर भवनों को लेकर प्रदेश में हर दिन कोई न कोई सरकारी हलचल होती नजर आ रही है। local self government department rajasthan

राज्य में संभावित भारी वर्षा के मद्देनज़र स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन ने गुरुवार को राज्य स्तरीय बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। विशेष रूप से जर्जर भवनों की पहचान एवं उन्हें गिराने के लिए चलाए जा रहे राज्य स्तरीय अभियान की प्रगति की समीक्षा की। जैन ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार राज्य के 224 नगरीय निकायों में अब तक कुल 2 हजार 699 जर्जर भवनों की पहचान की जा चुकी है। इन्हें नियमानुसार सील व ध्वस्त करने की कार्यवाही प्रगतिरत है। local self government department rajasthan

जनसुरक्षा सर्वोपरि बताते हुए स्वायत्त शासन सचिव ने सख़्त निर्देश दिए कि सभी आयुक्त एवं अधीशाषी अधिकारी अपने क्षेत्रों में जाकर नियमित रूप से निरीक्षण करें एवं चिन्हित जर्जर भवनों के सामने एक स्पष्ट सूचना बोर्ड भी लगाएं। बैठक में डीएलबी निदेशक प्रतीक जुईकर, नगर निगम हेरिटेज आयुक्त डॉ. निधि पटेल, अतिरिक्त निदेशक श्याम सिंह,विभाग के चीफ इंजीनियर अरूण व्यास भी मौजूद थे। सभी नगरीय निकायों के निकाय प्रमुख वीसी के माध्यम से जुड़े।

स्वायत्त शासन सचिव ने निर्देश दिए कि बिजली निगम के अभियन्ताओं के साथ समन्वय कर सड़क किनारे ढीले तारों को तुरन्त ठीक किया जाए। बिजली के खम्भों, डीपी, केबल बॉक्स और स्वीच बॉक्स के पास फैले हुए लूज तारों को हटाया जाए। स्वीच बॉक्स के टूटे ढक्कनों की तुरंत मरम्मत कराई जाए। आकस्मिक अग्निकांड या करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अग्निशमन वाहन, तकनीकी उपकरण एवं स्टाफ को पूर्णतः तैयार रखने के निर्देश भी दिए।

उदयपुर शहर में भी कई क्षेत्रों में जर्जर भवन मौजूद है। खासकर अंदरूनी शहर की कई तंग गलियों में जर्जर भवन से हादसा होने का हरदम अंदेशा रहता है। उदयपुर में हर साल बारिश में किसी न किसी मोहल्ले में जर्जर भवन का हिस्सा गिरना आम बात हो चुकी है।

नगर निगम उदयपुर प्राथमिकता और गंभीरता से ध्यान दे तो ऐसे जर्जर भवनों के असुरक्षित हिस्से को गिराया जा सकता है। हालांकि कुछ मामले ऐसे जिनमें संपत्ति को लेकर कोर्ट में मामला विचाराधीन होने से भी निगम को जर्जर भवन को गिराने में परेशानी आ रही है। ऐसे मामलो में कोर्ट में जनसुरक्षा को देखते हुए नगर निगम पैरवी करे तो इसका समाधान भी निकल सकता है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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