- भारत की सबसे बड़ी महिला खनन कर्मियों की टीम का वेदांता ने उत्सव मनाया
- वेदांता भारत की पहली और सबसे बड़ी महिला अंडरग्राउंड खनन टीम का केंद्र है
एआर लाइव न्यूज। खनन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले वेदांता ने भारत की सबसे बड़ी महिला अंडरग्राउंड खनन टीम का उत्सव मनाया है। वेदांता और हिंदुस्तान ज़िंक ने 2019 में भारत में पहली बार महिलाओं को अंडरग्राउंड खनन में शामिल किया था। कंपनी के विभिन्न व्यवसायों में 550 से अधिक महिलाएं कोर खनन कार्यों में कार्यरत हैं। वेदांता देशभर में अपने परिचालनों में लैंगिक समावेशन को बढ़ावा दे रहा है। Vedanta celebrates International Women’s Day in Mining
22 प्रतिशत से अधिक जेंडर डाइवर्सिटी के साथ, वेदांता के कार्यबल में 3000 से अधिक महिला कर्मचारी शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। यह भारत में मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में वेदांता के समकक्षों की तुलना में महिला प्रतिनिधित्व का एक प्रभावशाली उदाहरण है।
देश की पहली भूमिगत महिला खननकर्मी टीम का गठन ऐतिहासिक पहल
प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में पारंपरिक रूप से कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी काफी कम रही है। हालांकि वेदांता ने इस क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की हैं, जैसे देश की पहली भूमिगत महिला खननकर्मी और हिंदुस्तान जिंक में पूरी तरह महिला भूमिगत खान बचाव टीमों का गठन। हिंदुस्तान जिंक के पास तीन पूर्णतः महिला भूमिगत खान बचाव दल हैं, जो भारत में सबसे अधिक हैं। खनन के अलावा, कंपनी की मुख्य धातु उत्पादन प्रक्रियाओं में भी महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है। उदाहरणस्वरूप, कंपनी के पास पूरी तरह महिला संचालित एल्युमिनियम उत्पादन लाइन और महिला लोकोमोटिव संचालन इकाई भी है। Vedanta celebrates International Women’s Day in Mining
इस अवसर पर वेदांता की नॉन-एक्ज़क्टिव डायरेक्टर और हिंदुस्तान ज़िंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने बताया कि वेदांता में हम एक समावेशी कार्यस्थल के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां सभी को समान अवसर मिले। महिला-नेतृत्वित विकास आज भारत में सतत विकास का प्रमुख केंद्र बन गया है और हम इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। धातु और खनन क्षेत्र भविष्य के निम्न-कार्बन विकास में अहम भूमिका निभाएगा और इस क्षेत्र में कौशल अंतर को पाटना आवश्यक है। भारत की पहली भूमिगत महिला खनिकों से लेकर देश की पहली महिला रेस्क्यू टीम तक वेदांता की महिलाएं हर सीमाओं को तोड़ रही हैं।
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