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बाघदड़ा नेचर पार्क के संरक्षण में खर्च होंगे 5 करोड़ रूपए: होंगे कई विकास कार्य

hindustan zinc will spend 5 crore on conservation of Baghdarrah Nature Park udaipurhindustan zinc will spend 5 crore on conservation of Baghdarrah Nature Park udaipur

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। वर्ल्ड बायोडायवर्सिटी डे के उपलक्ष में हिंदुस्तान जिंक ने बाघदड़ा नेचर पार्क क्रोकोडाइल कंजर्वेशन रिजर्व के संरक्षण और विकास कार्यों के लिए वन विभाग के साथ एमओयू किया है। इस एमओयू के तहत बाघदड़ा के संरक्षण और विकास कार्यों में 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें सबसे ज्यादा फोकस मगरमच्छों के संरक्षण और संवर्धन पर होगा। Baghdarrah Nature Park udaipur

डीएफओ वाइल्ड लाइफ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बाघदड़ा के संरक्षण एवं विकास कार्यों के तहत मगरमच्छों के लिए प्राकृतिक आवास बढ़ाए जाएंगे, ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अन्य विकास कार्यों सहित पर्यटकों के लिए भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वनरोपण, चेक डैम और तालाबों जैसे जल संरक्षण के बुनियादी ढांचे विकसित किए जाएंगे। पर्यटकों की ट्रैकिंग के लिए ट्रैक और आश्रय बनाए जाएंगे। शैक्षिक प्रदर्शनी के जरिए बाघदड़ा नेचर पार्क की खूबियां पर्यटकों को बतायी जाएंगी।

वेदांता लिमिटेड की नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं हिन्दुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि बायो डायवर्सिटी हार्ट ऑफ प्लेनेट है। छोटी से छोटी तितली से लेकर बड़े बाघ तक हर जीव की इस प्लेनेट में अहम भूमिका है। पशु कल्याण और जैव विविधता संरक्षण केवल अतिरिक्त सोच ही नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। टीएसीओ और हमारी संरक्षण योजनाओं के जरिए हम पर्यावरण की रक्षा कर रहे हैं और ऐसा भविष्य बना रहे हैं जहां पशु और समुदाय साथ-साथ तरक्की करें।

उप वन संरक्षक उदयपुर सुनील कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह की सार्वजनिक-निजी भागीदारी प्राकृतिक आवासों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण है। हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से हमें विश्वास है कि बाघदड़ा रिजर्व एक जीवंत पारिस्थितिक क्षेत्र और वन्यजीव संरक्षण के लिए एक ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित होगा। hindustan zinc will spend 5 crore on conservation of Baghdarrah Nature Park udaipur

टीएसीओ की वन्यजीव संरक्षण पहल, मिशन वनरक्षा के तहत, राजसी एक सींग वाले गैंडे के संरक्षण के लिए असम में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के साथ&साथ राजस्थान में रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के साथ रणनीतिक साझेदारी की गई है। ये सहयोग अवैध शिकार विरोधी शिविरों, निगरानी वाहनों की तैनाती और फ्रंटलाइन श्रमिकों के लिए आवास इकाइयों के प्रावधान जैसे उपायों के माध्यम से संरक्षण प्रयासों को मजबूत करते हैं।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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