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भारत-पाक तनाव के बीच देश में 7 मई को होगी सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल: देश के 259 शहरों को तीन श्रेणी में बांटा

Amid Indo-Pak tension civil defence mock drill will be held on 7th May in 259 cities of the countryAmid Indo-Pak tension civil defence mock drill will be held on 7th May in 259 cities of the country

एआर लाइव न्यूज। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान में चल रहे तनाव के हालातों के बीच बुधवार 7 मई को देश के 35 राज्यों और केन्द्र शाषित प्रदेशों के 259 शहरों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होगी। संभवतः 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब देश के इतने शहरों में एक साथ सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल हुई हो। इसमें शहरों को संवेदनशीलता के अनुसार सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक की तीन श्रेणियों में बांटा गया है, इसमें पहली कैटेगरी में 13, दूसरी में 201 और तीसरी कैटेगरी में 45 शहरों को रखा गया है। Amid Indo-Pak tension civil defence mock drill will be held on 7th May

इस मॉक ड्रिल को युद्ध की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। क्यों कि भारत युद्ध की परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है। ऐसे में केंद्र सरकार ने मॉक ड्रिल के जरिए हमले की स्थिति में सुरक्षा के लिए नागरिकों और छात्रों को सुरक्षा अभ्यास की ट्रेनिंग देने को कहा है।

सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक के तहत चिह्नित राजस्थान के 28 शहरों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होगी। युद्ध के हालात में हमले को लेकर संवेदनशील स्थिति के तहत राजस्थान के कोटा और रावतभाटा को कैटेगरी-1, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, सीकर, नाल, सूरतग, आबूरोड, नसीराबाद, भिवाड़ी को कैटेगरी-2 और फुलेरा, नागौर, जालोर, ब्यावर, लालगढ़, सवाईमाधोपुर, पाली भीलवाड़ा को कैटेगरी-3 में रखा है।

राज्य की आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल की जा रही है। मॉक ड्रिल में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर रहेंगी। इस मॉक ड्रिल के लिए स्थानीय पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड सहित तमाम एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। हर जिले में संभावित खतरे के परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग परीक्षण किए जाएंगे।

मॉक ड्रिल के दौरान आम जनता को भी जागरूक किया जाएगा कि आपात स्थिति में सुरक्षित रहने के लिए क्या करें। इसमें एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस सहित स्कूल और कॉलेज के छात्रों को भी शामिल किया जाएगा। ड्रिल के बाद संबंधित विभागों को रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजनी होगी।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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