जिला कलेक्टर की बैठक में बोले निगम अधिकारी, कभी-कभी समस्या आती तत्काल समाधान कर देते
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने शहरी स्वच्छता तथा स्वच्छ भारत सर्वेक्षण को लेकर आज मंगलवार को निगम अधिकारियों की बैठक ली। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जब कलेक्टर ने उदयपुर की झीलों में सीवरेज गिरने की शिकायतों को लेकर जवाब मांगा तो हमारे नगर निगम के अति आत्मविश्वासी अधिकारियों ने बिना किसी हिचक के कलेक्टर को बता दिया कि झीलों में किसी प्रकार का सीवर नहीं जा रहा है। Swachh bharat Survekshan
जिला कलेक्टर नमित मेहता के पास वर्तमान में नगर निगम के प्रशासक का जिम्मा भी है। उन्होंने आज शहरी सफाई व्यवस्था, झीलों की सफाई और स्वच्छ भारत सर्वेक्षण रैकिंग में उदयपुर को अग्रणी बनाने को लेकर चर्चा की। इसी दौरान कलक्टर ने झीलों में सीवरेज जाने की शिकायतों का जिक्र करते हुए वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि झीलों में किसी भी प्रकार का सीवरेज नहीं जा रहा है। कभी-कभार सीवरेज लाइनों के ओवरफ्लो होने की समस्या आती है, जिसका सूचना मिलते ही समाधान करा दिया जाता है।
बड़ा सवाल : सीवर नहीं गिर रहा तो झीलों का पानी मटमैला क्यों दिखता.?
निगम अधिकारियों ने एसी रूम में बैठक कर न केवल मजबूत दावा किया है, बल्कि जिला कलेक्टर के सामने झीलों से जुड़ी सच्चाई पर पर्दा डालने का भरसक प्रयास किया गया है। निगम अधिकारियों को अपने दावे पर इतना ही भरोसा और आत्म विश्वास है तो फिर झीलों की तस्वीर क्यों अभी मटमैली नजर आ रही है। इस स्थिति में अब जागरूक नागरिकों को कहीं पर भी झीलों में सीवर गिरता नजर आए तो तत्काल जिला कलेक्टर को मौके के फोटो, वीडियों भेजकर हकीकत बतानी चाहिए, ताकि अति आत्म विश्वासी निगम अधिकारियों की जमीनी हकीकत कलेक्टर को पता चल सके।
बैठक में इन विषयों पर भी हुई चर्चा
निगम अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में शहर का 60 प्रतिशत भाग सीवरेज लाइन से कवर है। प्रगतिरत कार्य से यह एरिया 73% हो जाएगा। राज्य बजट घोषणा में शेष क्षेत्र को भी कवर किया जाना है। कलक्टर ने प्रस्तावित एरिया में STP निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए। बैठक में निगम आयुक्त रामप्रकाश, स्मार्ट सिटी एसीईओ कृष्णपाल सिंह चौहान, गिर्वा एसडीएम सोनिका कुमारी, निगम के एसई मुकेश पुजारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी सहित स्वास्थ्य शाखा के अधिकारी मौजूद थे।
स्वच्छता में अभी भी हमें बहुत काम करने की आवश्यकता : कलेक्टर
शहरी स्वच्छता तथा स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान की प्रगति पर चर्चा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि लेकसिटी उदयपुर अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों की पहली पसंद है, लेकिन स्वच्छता में अभी हमें बहुत काम करने की आवश्यकता है। आमजन को जागरूक करने के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण के सभी पैरामीटर्स पर सामूहिक रूप से काम करने की आवश्यकता है।
शहर के 70 वार्डों में 2300 से अधिक बीट तय की गई हैं
निगम आयुक्त राम प्रकाश ने कलेक्टर को बताया कि शहर के 70 वार्डों में 2300 से अधिक बीट तय की गई हैं। जिनमें सफाई कर्मियों को नियोजित किया गया है। सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए जमादार, प्रभारी, सफाई निरीक्षक, स्वास्थ्य निरीक्षक, स्वास्थ्य अधिकारी स्तर का सेटअप है। निगम आयुक्त ने यह भी बताया कि बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के तहत यूजर चार्जेज प्रति माह प्रति घर 20 रूपए निर्धारित है। इसमें भी अधिकांश लोगों की ओर से राशि जमा नहीं करवा रहे है।
31 मई से पहले हो जानी चाहिए नालों की सफाई
निगम अधिकारियों ने अवगत कराया कि शहर में छोटे बड़े 329 नाले हैं। सफाई कार्य 15 अप्रैल से प्रारंभ कर दिया गया है। बड़े नालों की सफाई के लिए जेसीबी का उपयोग किया जा रहा है,बाकी नाले मैनुअली साफ कराए जा रहे हैं। कलेक्टर ने 31 मई से पूर्व सभी नालों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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