- एआई आधारित उपकरणों से संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान की
- साइबर ठगी से संबंधित मोबाइल नंबर की संचार साथी पोर्टल पर जाकर दे सकते हैं जानकारी
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार के संसाधनों के हो रहे दुरुपयोग की रोकथाम के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने देश में 78 लाख संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन काट दिए हैं। इसके अलावा विभाग ने नागरिकों की मदद और संदिग्ध मोबाइल नंबर से हुए धोखाधड़ी संबंधित बातचीत की रिपोर्टिंग के लिए संचार साथी पोर्टल https://sancharsaathi.gov.in/ व मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की है। ऐसे में अगर लोगों के पास धोखाधड़ी संबंधित कोई फोन आता है तो वे इस पोर्टल के चक्षु पर जाकर उसकी शिकायत कर सकते हैं। Telecom department disconnected 78 lakh mobile connections to prevent Cybercrime and Financial Frauds
विभाग ने अपील की है कि लोग “संचार साथी” पोर्टल पर चक्षु पर जाकर साइबर धोखाधड़ी संबंधित मोबाइल नंबर की जानकारी दे सकते हैं। ताकि विभाग के लिए ऐसे नंबरों को चिह्नित करने में आसानी हो। विभाग ने स्टेकहोल्डर्स के बीच दूरसंचार के संसाधनों के दुरुपयोग से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए ऑनलाइन सुरक्षित डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म “डीआईपी” डवलप किया गया है, ताकि भारतीय मोबाइल नंबरों वाली आने वाली अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉलों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा सके। Telecom department disconnected 78 lakh mobile connections
दूरसंचार विभाग द्वारा किए गए उपाय
- फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करने के लिए एआई आधारित उपकरण डवलप किए हैं।
- दूरसंचार विभाग/दूरसंचार सेवा प्रदाताओं/कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा चिह्नित किए गए मोबाइल कनेक्शनों का दोबारा वेरीफिकेशन किया जाएगा।
- सिम कार्ड जारी करने वाले बिक्री केन्द्र (पीओएस/फ्रेंचाइजी/वितरक/एजेंट) का पंजीकृत अनिवार्य किया है।
- पीओएस के लिए जगह और स्थानीय निवास के पते का बायोमेट्रिक सत्यापन और भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया है।
- पीओएस द्वारा दिए गए दस्तावेज सूचनाएं झूठी/जाली पायी जाती हैं तो उसे तत्काल ब्लैक लिस्ट में डाला जाए।
- सिम जारी करने या बदलवाने पर भी केवाईसी अपडेट हो।
- केवाईसी की हार्ड कॉपी नहीं ली जाएगी।
- दूरसंचार कपनियां जारी सिम कार्डों की सैंपल आधार पर मासिक ऑडिट कराएंगी।
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