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उदयपुर: डिजीटल अरेस्ट हुआ व्यापारी, भतीजे को रेप केस में फंसाने के नाम से हुई ठगी, पुलिस ने रिकवर करवायी राशि

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उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के अंबामाता क्षेत्र निवासी व्यापारी सुरेश कुमार को डिजीटल अरेस्ट कर उनके साथ साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। आरोपी ने गुड़गांव के पुलिस अधिकारी बनकर व्यापारी सुरेश कुमार से फोन कॉल पर बात की और दिल्ली में पढ़ रहे भतीजे को रेप केस में अरेस्ट करने के नाम से 80 हजार रूपए ठग लिए। व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ तो वह तत्काल अंबामाता पुलिस के पास पहुंचा। अंबामाता पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क किया और जिन खातों में रूपए ट्रांसफर हुए थे, उन्हें फ्रीज करवाकर ठगी की राशि को रिकवर कर पीड़ितों को लौटाया है। Udaipur digital arrest case fake police officer threatens Businessman and extort money, cyber fraud case udaipur

अंबामाता थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि हमारे क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के 5 मामलों में तत्परता से कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के करीब ढाई लाख रूपए रिकवर करवाए हैं। थाने के कांस्टेबल राजकमल विश्नोई को साइबर फ्रॉड के मामलों से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। ऐसे मामलों में हमारी कोशिश रहती है कि सबसे पहले पीड़ित की ठगी गयी राशि बैंक अधिकारी से बात कर होल्ड करवा कर रिकवर करा सकें।

पीड़ित व्यापारी सुरेश ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर एक फोन कॉल आया। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को गुड़गांव पुलिस से होना बताया और भतीजे राजू (बदला हुआ नाम) का नाम लेते हुए उस पुलिस अधिकारी ने कहा राजू को जानते हो। व्यापारी ने कहा हां मेरा भतीजा है, फोन पर बात कर रहे व्यक्ति ने कहा आपका भतीजा हमारे पास है, हम उसे अरेस्ट कर रहे हैं। एक रेप केस में इसके दोस्तों को पकड़ा है, दोस्तों ने इसका नाम भी लिया है, वैसे तो इसकी रेप केस में डायरेक्ट भूमिका नहीं है, तो अगर आप चाहते हैं कि हम इसे अरेस्ट न करें तो प्रोसेस चार्ज है वो भेज दीजिए।

व्यापारी को भरोसा दिलाने के लिए उस फर्जी पुलिस अधिकारी ने फोन पर एक रोते हुए लड़के से भी व्यापारी की बात करवायी, तब उस लड़के ने व्यापारी को कहा फूफा जी मुझे बचा लीजिए, पापा को कुछ मत बताना, वरना मैं जान दे दूंगा। ये पुलिस अधिकारी अच्छे हैं, ये जो बता रहे हैं, रूपए आप इनका भेज दो, मैं आपको लौटा दूंगा।

व्यापारी सुरेश ने बताया कि फोन पर बात कर रहे आरोपियों ने इस तरह से डिजीटल अरेस्ट किया हुआ था कि मैं किसी से बात भी नहीं कर पा रहा था। मैंने उन लोगों को 80 हजार रूपए ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद फोन डिसकनेक्ट हो गया। मैंने तत्काल मेरी बहन को फोन किया तो पता चला कि भतीजा तो उसके रूम पर है और सुरक्षित है। ठगी का एहसास होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी। इस मामले में पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट द्वारा बैंक नोडल अधिकारी से सम्पर्क कर फ्रॉड की राशि के 40000 रूपये होल्ड करवाकर पुनः रिकवर करवाए। Udaipur digital arrest case fake police officer threatens Businessman and extort money, cyber fraud case in udaipur

उदयपुर आए जोधपुर निवासी दिनेश गोड़ ने बताया कि उनके आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड से बिना ओटीपी के कुल 114302 रूपये निकलने का मैसेज प्राप्त हुआ, जिस पर परिवादी द्वारा बिना देरी किये तत्काल 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवाई और अम्बामाता थाने पहुंच साईबर फ्रॉड के बारे बताया। साइबर एक्सपर्ट ने तत्काल बैंकों के नोडल अधिकारी से सम्पर्क कर ठगी गयी संपूर्ण राशि को होल्ड करवाया पुनः 1 लाख 14 हजार 302 रूपये रिकवर करवाकर पीड़ित को राहत दिलाई।

अंबामाता थाना क्षेत्र निवासी गजेन्द्र सिंह ने बताया कि मेरे मोबाइल पर पेनकार्ड में नम्बर अपडेट करने की लिंक प्राप्त हुई, जिसपर क्लिक किया तो मेरे बैंक खाते से 27074 रूपये निकल गए। तत्काल थाने पर रिपोर्ट की। पुलिस ने थाने के साइबर एक्सपर्ट राजकमल से सम्पर्क कर साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई और बैंक नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर 24999 रूपये रिकवर करवा दिए।

प्रार्थी लोकेश ने बताया कि मेरे बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी के 15000 रुपये निकल गये। तत्काल अम्बामाता थाने को सूचना दी। साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। थाना पुलिस ने बैंक नोडल अधिकारी से सम्पर्क कर राशि को होल्ड करवाकर 15000 रूपए रिकवर करवा लिए।

अंबामात क्षेत्र निवासी महिला मीरा ने बताया कि उनके पेटीएम पर अपने आप किसी अज्ञात व्यक्ति की यूपीआई आईडी एड हो गयी। इसके बाद मेरे पेटीएम के जरिए खाते से 30000 रूपये निकल गये। महिला ने तत्काल अम्बामाता थाने पर सम्पर्क कर साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने बैंक नोडल अधिकारी से सम्पर्क कर राशि को होल्ड करवाकर पुनः फ्रॉड की राशि 30000 रूपये रिकवर करवायी।

आजकल डिजिटल अरेस्ट मामले अधिक आने लगे है। डिजिटल अरेस्ट व साइबर फ्रॉड से बचने का पहला कदम सतर्क रहना हैं। अपने सोशल मीडिया अकाउण्ट, जीमेल आईडी, पेटीएम व बैंक यूपीआई के पासवर्ड मजबूत बनाएं और उन्हें बार-बार बदलते रहें। फिशिंग ईमेल से सावधान रहें, अज्ञात लिंक या पॉप-अप पर क्लिक न करें। सोशल मीडिया पर अपनी निजी और डिवाइस की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें। अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो किसी नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल 1930 का का इस्तेमाल करें।

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डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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