आप भी रहे सतर्क,घबराएं नहीं: 4386 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को बचाया गया
देवेंद्र शर्मा, उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। मोबाइल या अन्य तकनीकी संसाधनों के जरिए भारत में साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। केंद्र सरकार व विभिन्न राज्यों की सरकारें विभिन्न माध्यमों से आमजन को जागरूक करने का प्रयास कर रही है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्ती भी बरती जा रही है। उसके बावजूद भारत में वर्ष 2021 से अब तक यानी करीब तीन साल में 13.36 लाख से अधिक शिकायते प्राप्त हो चुकी है। (Cyber fraud digital arrest)
केंद्रीय गृह मंत्रालय के ये आंकड़े चौकाने वाले है और हम सभी को और अधिक सावचेत रहने सतर्क कर रहे है। मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग और धोखेबाजों द्वारा धन की हेराफेरी को रोकने के लिए वर्ष 2021 में ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (आई4सी) के तहत ‘नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली’ की शुरूआत की गई है। अब तक 13.36 लाख से अधिक शिकायतों में 4386 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को बचाया गया है। ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज करने में मदद के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 चालू किया गया है।(Cyber fraud digital arrest)
डिजिटल अरेस्ट : अलर्ट है कई सरकारी एजेंसियां
गृह मंत्रालय के अनुसार आई4सी ने डिजिटल अरेस्ट के लिए इस्तेमाल किए गए 3,962 से अधिक स्काइप आईडी और 83,668 व्हाट्सएप अकाउंट को सक्रिय रूप से पहचाना और उन्हें ब्लॉक किया गया है। पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी 2025 तक 7.81 लाख से अधिक सिम कार्ड और 2,08,469 आईएमईआई को भारत सरकार द्वारा ब्लॉक किया गया है।
सरकार लगातार आमजन को कर रही जागरूक : आप भी रहे सतर्क
आई4सी ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) के सहयोग से साइबर अपराध के बारे में जागरूकता बढ़ाने और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (एनसीआरपी) को बढ़ावा देने के लिए एक कॉलर ट्यून अभियान शुरू किया है। इस कॉलर ट्यून का दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) द्वारा प्रसारण क्षेत्रीय भाषाओं में भी दिन में 7-8 बार प्रसारण किया जा रहा है।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल लॉन्च किया गया है
आई4सी के एक भाग के रूप में ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (https://cybercrime.gov.in) लॉन्च किया गया है, ताकि जनता सभी प्रकार के साइबर अपराधों से संबंधित घटनाओं की रिपोर्ट कर सके, जिसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस पोर्टल पर रिपोर्ट की गई साइबर अपराध की घटनाओं, उन्हें एफआईआर में परिवर्तित करने और उसके बाद की कार्रवाई को कानून के प्रावधानों के अनुसार संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा देखा जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल की पहचान करने और ब्लॉक करने की सख्ती भी हो रही
केंद्र सरकार और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) नेए मोबाइल पर आने वाली अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए एक प्रणाली तैयार की है, जिसमें भारतीय मोबाइल नंबर, भारत में उत्पन्न होते प्रतीत होते हैं। मोबाइल पर आने वाले ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल को ब्लॉक करने के लिए टीएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं।
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