उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर में सुमन भार्गव का देहदान किया गया। 90 वर्षीय सुमन भार्गव की आखिरी इच्छा यही थी कि मरणोपरांत उनका देहदान किया जाए। उनके पुत्र अनुपम भार्गव और कर्नल निरूपम भार्गव ने उनकी यहइच्छा पूरी की और गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में देहदान प्रक्रिया की गयी। body donation in udaipur
सुमन भार्गव के दो पुत्र हैं, एक पुत्र अनुपम भार्गव सेवानिवृत बैंक अधिकारी हैं और दूसरे पुत्र कर्नल निरुपम भार्गव सेवानिवृत सैन्य अधिकारी हैं, वहीं उनकी बहू डा सुनीता भार्गव गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में प्रोफेसर हैं। देहदान प्रक्रिया के समय जीएमसीएच डीन डॉ. संगीता गुप्ता, एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मनजिंदर कौर, एनाटोमी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश केजी, डॉ. मोनाली सोनवाने, डॉ. सानिया के, डॉ. सौरभ, डॉ. संभव, डॉ. शिवानी उपाध्याय मेनेजर ब्रांडिंग एंड पीआर कम्युनिकेशन हरलीन गंभीर, हॉस्पिटल के प्रबंधन, स्टाफ, विद्यार्थीगण और भार्गव समाज के सदस्य अच्छी संख्या में उपस्थित रहे।
दिवंगत सुमन भार्गव का मानना था हमें जितनी विज्ञान की आवश्यकता हैएउतनी ही विज्ञान को हमारी है
अनुपम भार्गव ने बताया कि उनकी मांग सुमन भार्गव पत्नी ओम प्रकाश भार्गव का मानना था कि रीति-रिवाज़ों में सकारात्मक परिवर्तन होते रहने चाहिए। हमें जितनी विज्ञान की आवश्यकता है, उतनी ही विज्ञान को हमारी है। इन्हीं विचारों से प्रेरित हो कर उन्होंने मरणोपरांत देहदान की इच्छा जाहिर की थी। उनकी इच्छा को कार्यान्वित करने में उनका परिवार अत्यंत गर्वान्वित है। वे तो अंगदान भी करना चाहती थीं, लेकिन लेकिन डाक्टरों ने उनकी स्थिति के मद्देनज़र प्रत्यारोपण के लिए मना कर दिया था।
देहदान कौन और कैसे कर सकता है
- विज्ञान की प्रगति के लिए मृत्यु पश्चात अपना शरीर दान करना एक अनूठा और अमूल्य उपहार है, दान किए गए शरीर का उपयोग भविष्य के डॉक्टरों और नर्सों को पढ़ाने, प्रशिक्षण देने, सर्जन को प्रशिक्षित करने व वैज्ञानिक अनुसंधान करने के लिए किया जाता है।
- कोई भी भारतीय नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक आयु का है और कानूनी रूप से वैध सहमति देने योग्य है, वह शरीर रचना में भाग एनाटॉमी जीएमसीएच उदयपुर में एक संपूर्ण शरीर दाता के रूप में पंजीकृत करा सकता है। यदि पंजीकृत ना हो तब भी मृतक के शरीर पर कानूनी अधिकार रखने वाले परिजन अभिभावक मृतक का शरीर दान कर सकते हैं।
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