केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने देशभर में सिविलध्रक्षा क्षेत्र के अंतर्गत 85 नए केन्द्रीय विद्यालय(केवी) खोलने तथा एक मौजूदा केवी के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के तहत राजस्थान में 9 नए केवी खुलेंगे इनमें से दो राजसमंद जिले के है।(Kendriya Vidyalayas KV)
राजस्थान में राजसमंद जिला राजसमंद, भीम (राजसमंद), एएफएस फलोदी (जोधपुर), बीएसएफ सतराणा ( श्रीगंगानगर), बीएसएफ श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर), हिण्डौन सिटी (करौली), मेड़ता सिटी (नागौर), राजगढ़ (अलवर) और महवा जिला दौसा में नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे। एक मौजूदा केवी शिवमोगा, जिला शिवमोगा कर्नाटक के विस्तार को मंजूरी दे दी है।(Kendriya Vidyalayas KV)
इन 85 नए केन्द्रीय विद्यालयों की स्थापना तथा निकटवर्ती 01 मौजूदा केन्द्रीय विद्यालय केवी के विस्तार के लिए 2025-26 से आठ वर्षों की अवधि के लिए निधियों की कुल अनुमानित आवश्यकता 5872.08 करोड़ रुपये (लगभग) है। इसमें 2862.71 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय घटक तथा 3009.37 करोड़ रुपये का परिचालन व्यय शामिल है।
विदेश में भी चल रहे तीन केंद्रीय विद्यालय
वर्तमान में 1256 कार्यात्मक केन्द्रीय विद्यालय हैं जिनमें से 3 विदेश में स्थित हैं मास्को, काठमांडू और तेहरान तथा इन केन्द्रीय विद्यालयों में कुल 13.56 लाख ;लगभगद्ध छात्र अध्ययन कर रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय रक्षा और अर्धसैनिक बलों सहित केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय और गैर.स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों की और देश के दूरदराज और अविकसित स्थानों में रहने वाले लोगों सहित अस्थिर आबादी और अन्य लोगों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खोले जाते हैं।
1963 में हुई थी क्रेद्रीय विद्यालयों की शुरूआत
भारत सरकार ने नवंबर 1962 में केंद्रीय विद्यालयों की योजना को मंजूरी दी थी, ताकि स्थानांतरित होने वाले केंद्रीय सरकारध्रक्षा कर्मचारियों के बच्चों के लिए पूरे देश में एक समान मानक की शैक्षिक सुविधाएँ प्रदान की जा सकें। परिणामस्वरूप, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक इकाई के रूप में श्केंद्रीय विद्यालय संगठन, की शुरुआत हुई। शुरुआत में शैक्षणिक वर्ष 1963-64 के दौरान रक्षा स्टेशनों में स्थित 20 रेजिमेंटल स्कूलों को केंद्रीय विद्यालयों के रूप में शामिल किया गया था।
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