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आदमखोर पैंथर को चारों तरफ से घेरा: चप्पे-चप्पे पर शूटर, खौफजदा ग्रामीण घरों में कैद

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12 शूटर, 100 जवान राउंड द क्लॉक गांव में आदमखोर पैंथर की कर रहे तलाश

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। ग्रामीण घरों में कैद है, बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, मवेशियों के लिए चारा लेने के लिए भी महिलाओं के साथ पुरूष लाठी लेकर घर से निकल रहे हैं। हर ग्रामीण के हाथ में लाठी है। ये हालात उदयपुर जिले के गोगुंदा और बड़गांव उपखंड के 15 से 20 किलोमीटर क्षेत्र में आने वाले उन गांवों के हैं, जहां आमदखोर पैंथर सात इंसानों को मौत के घाट उतार चुका है, पैंथर जंगल में खुलेआम घूम रहा है, उसका आतंक और खौफ बरकरार है, वहीं ग्रामीण पिछले कुछ दिनों से चैन की नींद भी नहीं सो सके हैं। (udaipur maneater panther search operation)

एआर लाइव न्यूज की लकी जैन ने आदमखोर पैंथर के द्वारा किए गए इंसानी शिकार वाले गांवों में बुधवार को जाकर वास्तविक हालात देखे।

वन विभाग, पुलिस और सेना के 100 से अधिक जवानों ने पैंथर को अंतिम दो शिकार केलवों के खेड़ा और राठौड़ों के गुड़ा गांव के वन क्षेत्र में घेरा हुआ है। आदमखोर पैंथर अब न तो आगे जा पा रहा है और न ही टेरेटरी में पीछे लौट पा रहा है। उच्च अधिकारियों के अलावा वन, पुलिस और सेना के 100 से अधिक जवान राउंड द क्लॉक गांव और गांव से लगते वन क्षेत्र के चप्पे-चप्पे में आमदखोर पैंथर की तलाश कर रहे हैं।

मौके पर वन विभाग डीएफओ अजय चित्तौड़ा, डीएफओ मुकेश सैनी, पुलिस डीएसपी गजेन्द्र सिंह राव, गोगुंदा एसडीएम नरेश सोनी, वन विभाग में वन्यजीवों के डॉक्टर हिमांशु व्यास, गोगुंदा थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत, वन विभाग एसीएफ, रेंजर, सहित अन्य थानाधिकारी, सेना, पुलिस और वन विभाग के जवान राउंड द क्लॉक मौजूद हैं। वन विभाग के बुलाने पर बुधवार को हैदराबाद के शूटर नवाब शाफत अली खान भी गोगुंदा के राठौड़ों का गुड़ा गांव पहुंचे हैं। udaipur maneater panther search operation

सात इंसानों को मार चुका पैंथर अब इन दो गांवों के वनक्षेत्र में छुपता फिर रहा है। मक्के के खेतों में फसल 10 फीट से बड़ी है, वहीं बारिश के बाद वनक्षेत्र पूरा हरा-भरा और घना है, ऐसे में आदमखोर पैंथर को छुपने में आसानी हो रही है। आमदखोर पैंथर को बाहर निकालने के लिए वन विभाग वन क्षेत्र में पटाखे चला, टीन के पीपे, ढोल बजा रहा है, ताकि डिस्टर्ब होकर पैंथर बाहर आए और शूटर उसे शूट कर दें।

गांव के कुछ खेतों में मक्के की पकी हुई फसल खड़ी है। पैंथर का मूवमेंट खेतों की तरफ दिखा, लेकिन 10 फीट से बड़ी फसल के चलते पैंथर नजर नहीं आ सका, ऐसे में प्रशासन ने ग्रामीणों अपील की है कि जिनकी मक्के की फसल पक चुकी है, तो वे इसे ज्यादा से ज्यादा आदमी लगाकर कटवा लें। ग्रामीणों ने भी प्रशासन का सहयोग करने के लिए हर खेत में चार से पांच लोग लगे और फसल काटनी शुरू कर दी।

केलवों के खेड़ा गांव में बह रहे बरसाती पानी के नाले के पास वन विभाग ने पिंजरा लगाया हुआ हैं, पिंजरे में बकरी को बांधा है और रांउड द क्लोक बकरी की आवाज आती रहे, इसके लिए स्पीकर लगाया हुआ है। बीती रात पैंथर पिंजरे के पास तक तो आया, उसके पगमार्क पिंजरे के पास मिले हैं, लेकिन वह पिंजरे में नहीं आया और संभवत पानी पीकर चला गया।

ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने बताया कि इस वनक्षेत्र में कई पैंथर है, हमारे गांव, खेतों में पैंथर का आना आम बात है, हम आए दिन यहां पैंथर को देखते हैं। यहां ऐसा कभी नहीं हुआ कि पैंथर ने इंसानों पर हमला किया हो। खेतों में या वन क्षेत्र में मवेशियों को चराने के दौरान कभी पैंथर सामने आ भी जाता है तो पैंथर खुद रास्ता बदलकर चला जाता है। यहां ग्रामीणों और वन्यजीवों में एक आपसी सामंजस्य रहा है। लेकिन इस एक पैंथर के साथ कुछ हुआ है, जो यह इस प्रकार के व्यवहार कर रहा है और सिर्फ इंसानों पर हमला कर उन्हें खा रहा है।

डीएफओ अजय चित्तौड़ा ने बताया कि सात इंसानी शिकार और उसके पैटर्न को देखकर यह स्पष्ट है कि ये सातों शिकार एक ही पैंथर ने किए हैं। सबसे खतरनाक बात यही है कि यह पैंथर सिर्फ इंसानों पर अटैक कर रहा है। सभी संभावित स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। उदयपुर, राजसमंद, जोधपुर, रणथंभोर से वन विभाग के शूटर्स की टीमें यहां हैं, इसके अलावा पुसिल और सेना के शूटर्स भी हथियारों से लैस होकर आदमखोर पैंथर की तलाश कर रहे हैं।

एसडीएम गोगुंदा नरेश सोनी ने कहा कि लेपर्ड के विहेबियर और पैटर्न को देखते हुए उसे पकड़ने की रणनीति बनाई है। आदमखोर पैंथर इस गांव के वन क्षेत्र से नहीं निकल पाया है, हमने उसे तीन तरफ से कवर किया हुआ है। यह सही है कि आदमखोर पैंथर के कारण ग्रामीणों में भय है, बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए राठौड़ों का गुड़ा गांव में स्कूल की छुट्टी की हुई है। ग्रामीणों की जनप्रतिनिधियों के साथ मीटिंग की है और उन्हें अकेले नहीं निकलने, रात को घर से बाहर नहीं आने के लिए समझाया है। सभी ग्रामीणों का पूरा सहयोग मिल रहा है।

डीएसपी गिर्वा गजेन्द्र सिंह राव ने बताया कि पुलिस और वन विभाग के 100 से अधिक जवान गांव में आदमखोर पैंथर की सर्च में लगे हुए हैं। जहां-जहां से बरसाती नाले बह रहे हैं सभी संभावित स्थानों पर पुलिस के जवानों की टीम शूटर के साथ बैठी हुई है। 12 शूटर लगे हुए हैं। हमारा पूरा प्रयास है कि किसी भी प्रकार से आदमखोर पैंथर अब किसी ग्रामीण पर अटैक न कर सके।

गोगुंदा थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया कि गावों में लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को अलर्ट रहने के लिए कह रहे हैं, ग्रामीणों से कहा है कि जब तक आदमखोर पैंथर पकड़ा नहीं जाता, ग्रामीण बिना काम घरों से बाहर न निकलें। जरूरी होने पर भी झुंड बनाकर और हाथों में डंडे लेकर ही निकलें। वनक्षेत्र में आदमखोर पैंथर को तलाशने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन जारी हैं। udaipur maneater panther search operation

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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