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चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोड करना और देखना पॉक्सो के तहत अपराध होगा

Supreme Court ruled downloding or watching child pornography on digital devices is offence under POCSO actSupreme Court ruled downloding or watching child pornography on digital devices is offence under POCSO act

नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान सभी अदालतों को निर्देश दिए हैं कि “चाइल्ड पोर्नोग्राफी” शब्द की जगह “बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री” का उपयोग किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पर्सनल डिवाइस में चाइल्ड पोर्नोग्राफी कंटेट रखना पॉक्सो अधिनियम (POCSO) के तहत अपराध माना जाएगा। (child pornography downloding or watching is offence)

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी शब्द के स्थान पर “बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री” शब्द का इस्तेमाल करना, ऐसे अपराधों की वास्तविकता को दर्शाने के लिए आवश्यक है। बेंच की ओर से फैसला सुनाते हुए जस्टिस पारदीवाला ने कहा, हमने केंद्र से यह भी अनुरोध किया है कि वे परिभाषा में इस संशोधन को लाने के लिए अध्यादेश जारी करने पर विचार कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी अदालतों को निर्देश दिया कि वे किसी भी न्यायिक आदेश में चाइल्ड पोर्नोग्राफी शब्द का प्रयोग न करें। “चाइल्ड पोर्नोग्राफी” शब्द की जगह “बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री” का उपयोग करें।

जनवरी 2024 में मद्रास हाईकोर्ट ने 28 वर्षीय एस हरीश के खिलाफ आपराधिक मामला खारिज कर दिया था और माना था कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी को डाउनलोड करना और देखना पोक्सो अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत अपराध नहीं है, इस मामले में अभियोजन पक्ष ने आरोपी एस हरीश पर बच्चों से संबंधित कुछ अश्लील सामग्री मोबाइल फोन पर डाउनलोड करने और देखने का आरोप लगाया था।

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर आज सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए निचली अदालत में एस हरीश के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही चलाने का निर्देश हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि हाईकोर्ट ने विवादित फैसला सुनाते हुए गंभीर गलती की है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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