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उदयपुर में मानसून की मेहरबानी : साल भर के लिए पेयजल और सिंचाई की हो गई व्यवस्था

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देवेंद्र शर्मा,उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। इस साल मानसून के शुरूआती दौर भले ही उदयपुर के लिए निराशाजनक रहे हो, लेकिन सितंबर के शुरुआत में मानसून ने ऐसी मेहरबानी बरसायी कि जयसमंद झील और बागोलिया तालाब को छोड़कर लगभग सभी जलाशय लबालब होकर छलक गए। मानसून की इस मेहरबानी से उदयपुर क्षेत्र में साल भर के लिए पेयजल की पूरी व्यवस्था हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जलाशयों में इतने पानी की व्यवस्था मानसून ने कर दी है कि किसानों को सिंचाई के लिए साल भर भरपूर पानी मिल सकेगा। (monsoon in udaipur)

उदयपुर शहरी क्षेत्र की बात करे तो अगस्त अंत तक पीछोला और फतहसागर में जल आवक नहीं होने से पेयजल को लेकर लगातार चिंता बढ़ती जा रही थी, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में दो दिन हुई तेज बारिश ने तस्वीर ही बदल दी। मदार के दोनों तालाबों पर चादर तेज होने के साथ ही सीसारमा नदी भी उफान पर आ गई। इससे पीछोला और फतहसागर में आवक तेज हुई तो दोनों झीलें लबालब हो गई। इससे शहरी क्षेत्र लिए साल भर के लिए पेयजल की व्यवस्था हो गई हैं। जलाशयों के भर जाने से भूजल स्तर में भी सुधार होगा।

मानसून के शुरूआती दौर में कैचमेंट में अच्छी बारिश नहीं होने से 32 फीट पूर्ण भराव स्तर वाला बड़ी तालाब भी काफी खाली था और इसके भरने की उम्मीद भी कम थी, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में दो दिन हुई तेज बारिश ने बड़ी तालाब की तस्वीर भी बदल दी। उबेश्वरजी क्षेत्र में तेज बारिश होने से मोरवानिया नदी में बहाव तेज हुआ और लगातार पानी की आवक बनी रही। इससे बड़ी तालाब भी छलक गया और इसका पानी भी फतहसागर पहुंचने लगा। बड़ी तालाब भरने से बड़ी क्षेत्र के लिए पेयजल की व्यवस्था के साथ ही सिंचाई के लिए किसानों को आवश्यकता अनुसार पानी मिलने की व्यवस्था भी हो गई हैं। जरूरत पड़ने पर बड़ी तालाब से उदयपुर शहरी क्षेत्र में भी पानी ला सके मानसूनी मेहरबानी से यह काम भी हो गया।(monsoon in udaipur)

झाड़ोल क्षेत्र के गौराणा में स्थित मानसी वाकल बांध भी भर गया है। वर्तमान में यह एक फीट से भी कम खाली है और धीरे-धीरे पानी की आवक जारी है। वर्तमान में इसका जलस्तर 581 आरएल मीटर है। इस बांध के भर जाने से उदयपुर शहर की करीब 100 कॉलोनियों और झाड़ोल क्षेत्र के 22 गांवों में साल भर के लिए पेयजल की चिंता खत्म हो गई है।

उदयपुर की झीलों को हमेशा लबालब रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन तीनों बांधों के भरने की उम्मीदें लोग छोड़ चुके थे, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह की बारिश ने इन तीनों बांधों को भी लबालब कर दिया और ये छलक भी गए। इन तीनों बांधों के भर जाने से अगले साल गर्मी के सीजन में जरूरत पड़ने पर टलन के गेट खोलकर इनका पानी पीछोला झील में लाया जा सकता है। पीछोला की पूर्ति होने पर स्वरूपसागर लिंक नहर के गेट खोलकर जरूरत पड़ने पर फतहसागर को भी भरा जा सकता है।

24 फीट पूर्ण भराव स्तर वाले उदयसागर के भरने से वल्लभनगर और बड़गांव बांध की तस्वीर बदली है। इनके भरने की उम्मीद भी कम ही थी। उदयसागर के भरने से इसके कमांड क्षेत्र के किसानों की चिंता भी खत्म हो गई है और सिंचाई के लिए किसानों को इस साल भी आवश्यकता अनुसार पानी मिल सकेगा। वल्लभनगर और बड़गांव बांध क्षेत्र के किसानों की चिंता भी खत्म हो गई है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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