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मां की देहदान कर पुत्र ने पूरी की अंतिम इच्छा: गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में किया देह दान

body donation in udaipur son donated his mother body to geetanjali medical college and hospitalbody donation in udaipur son donated his mother body to geetanjali medical college and hospital

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के प्रतापनगर निवासी दीपक खन्ना ने मां की मृत्यु के बाद गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में देहदान कर मां संयुक्ता खन्ना की अंतिम इच्छा पूरी की है। दीपक खन्ना की 76 वर्षीय मां संयुक्ता खन्ना शुगर व हाइपर टेंशन की रोगी थीं। पिछले दिनों निमोनिया होने की स्थिति में उन्हें परिजनों ने गीतांजली हॉस्पिटल भर्ती करवाया था। गंभीर हालत के चलते 11 सितंबर को संयुक्ता खन्ना का निधन हो गया। मृत्योपरांत संयुक्ता खन्ना की पार्थिव देह परिवार ने GMCH को डोनेट की है। खासबात है कि इसी परिवार से गत वर्ष ललिता पूरी का भी देहदान किया गया था। (body donation in udaipur)

दीपक खन्ना ने बताया कि उनकी मां की अंतिम इच्छा थी कि उनके देहांत के बाद पार्थिव शरीर का देहदान कर दिया जाए। उनका मानना था कि जीते जी तो सब काम आ जाते हैं, परन्तु यदि मरने के बाद भी देह काम आ सके, यह सोच रखना हमारी जिम्मेदारी है, देहदान से भावी डॉक्टर्स अनुसन्धान कर सकेंगे और समाज को अच्छे डॉक्टर मिलेंगे।

एनाटोमी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश केजी ने बताया कि स्वर्गीय सयुक्ता खन्ना ने देहदान की इच्छा को उनके पुत्र द्वारा पूरा किया गया, समाज में इस जागरूकता का आना बहुत आवश्यक है, देहदान के लिए परिवार को गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की तरफ से सर्टिफिकेट ऑफ एप्रीसिएशन भी प्रदान किया गया।

देहदान प्रक्रिया के समय जीएमसीएच डीन डॉ. संगीता गुप्ता, एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मनजिंदर कौर, एनाटोमी विभाग में डॉ. मोनाली सोनवाने, डॉ. सानिया के, डॉ. सौरभ, डॉ. संभव, मेनेजर ब्रांडिंग एंड पीआर कम्युनिकेशन हरलीन गंभीर, बीडीएस प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स, गीतांजली यूनिवर्सिटी के फैकल्टी व देहदान दाता का परिवार मौजूद रहे।

कोई भी भारतीय नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक आयु का है और कानूनी रूप से वैध सहमति देने योग्य है वह शरीर रचना में भाग एनाटॉमी जीएमसीएच उदयपुर में एक संपूर्ण शरीर दाता के रूप में पंजीकृत करा सकता है, यदि पंजीकृत ना हो तब भी मृतक के शरीर पर कानूनी अधिकार रखने वाले परिजन अभिभावक मृतक का शरीर दान कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के शरीर रचना विभाग में संपर्क कर सकते हैं।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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