Site iconSite icon AR Live News

बांसवाड़ा में भूकिया जगपुरा खान से निकलेगा सोना

gold mines in banswara rajasthan e auction process starts by mines department rajasthangold mines in banswara rajasthan e auction process starts by mines department rajasthan

जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। प्रदेश की पहली सोने की खान बांसवाड़ा के भूकिया जगपुरा सोना उगलने के साथ ही औद्योगिक निवेश, रोजगार और राजस्व के नए द्वार खोलेगी।(gold mines in banswara rajasthan)

खान सचिव आनन्दी ने बताया कि भूकिया जगपुरा गोल्ड माइंस के लिए रामगढ़ मिनरल्स एण्ड माइनिंग लिमिटेड कर्नाटक, हीराकुण्ड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड़ अहमदाबाद, जिन्दल पॉवर लिमिटेड छत्तीसगढ़, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड उदयपुर और सैयद ओवैस अली रतलाम ने वित्तीय निविदा में हिस्सा लिया। सैयद ओवैसी अली रतलाम ने सर्वाधिक 65.30 प्रतिशत प्रीमियम के साथ यह नीलामी अपने नाम कर ली है।

भूकिया जगपुरा की माइनिंग लीज की नीलामी से राज्य सरकार को निलामी के साथ ही अपफ्रंट पेमेंट के रुप में तीन किश्तों में 500 करोड़ रूपए प्राप्त होंगे। जिसकी पहली किश्त 15 दिन में 100 करोड़ के रुप में प्राप्त हो जाएगी। खनन कार्य शुरु होने के बाद अगले 50 सालों में राज्य सरकार को प्रीमियम, रॉयल्टी, डीएमएफटी, एनएमइटी के रुप में 1 लाख करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। केवल गोल्ड माइनिंग व प्रोसेसिंग से ही प्रदेश में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशन में माइंस विभाग ने बांसवाड़ा के भूकिया जगपुरा और कांकरिया गारा में प्रदेश की पहली सोने की खानों की 6 मार्च को ई-नीलामी प्रक्रिया शुरु करते हुए माइनिंग लीज के लिए 16 मई और कंपोजिट लाइसेंस के लिए 17 मई को तकनीकी रुप से सफल निविदादाताओं द्वारा बोली लगाई गई। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के पास खान विभाग भी है। प्रदेश में पहली सोने की खान की सफल नीलामी में 65.30 प्रतिशत प्रीमियम प्राप्त हुआ है।

खान सचिव आनन्दी ने बताया कि सोने की इन खानों से सोने के साथ ही अन्य सह खनिज कॉपर, कोबाल्ट, निकल भी प्राप्त होगा। इससे प्रदेश में ज्वैलरी उद्योग के साथ ही एरोस्पेस, इलेक्ट्रोनिक, एयर बैग सहित कई उद्योगों में नए निवेश के साथ ही रोजगार के अवसर विकसित होंगे।

बांसवाड़ा के घाटोल तहसील के भूकिया जगपुरा के क्षेत्र में सोने के विपुल भण्डार हैं। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के भू-वैज्ञानिकों द्वारा इस क्षेत्र में तांबें की खोज के लिए किये जा रहे एक्सप्लोरेशन के दौरान यहां पहली बार स्वर्ण अयस्क के संकेत देखे गये। इस क्षेत्र में व्यापक एक्सप्लोरेशन के बाद 940.26 हैक्टेयर क्षेत्रफल में 113.52 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क का आरंभिक आकलन किया गया है। जिसमें सोने के धातु की मात्रा 222.39 टन आंकी गई है।

निदेशक माइंस भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि बांसवाड़ा घाटोल के ही कांकरियागारा में आंरभिक खोज के दौरान स्वर्ण अयस्क के संकेत मिलने पर यहां एक्सप्लोरेशन के लिए कंपोजिट लाइसेंस के लिए ई-नीलामी की गई है। कांकरिया जारा में 205 हैक्टेयर क्षेत्रफल में 1.24 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क संभावित है। कांकरिया जारा माइंस के लिए भी पांच प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है जिस पर आवश्यक परीक्षण के बाद अंतिम निर्णय किया जाना है।

Exit mobile version