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एक देश-एक चुनाव: उच्चस्तरीय समिति ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट

High level Committee submits One Nation, One Election reportHigh level Committee submits One Nation, One Election report

नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। भारत में एक साथ चुनाव करवाने को लेकर पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द की अध्यक्षता में बनी समिति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। समिति का गठन 2 सितंबर 2023 को किया गया था। One Nation-One Election

विभिन्न सुझावों पर विचार के बाद समिति ने देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए दो-चरणीय दृष्टिकोण की सिफारिश की है। पहले कदम के रूप में, लोकसभा और राज्य विधान सभाओं के लिए एक साथ चुनाव होंगे। दूसरे चरण में, नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव को लोकसभा और राज्य विधान सभाओं के साथ इस तरह से समन्वित किया जाएगा कि नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव लोकसभा के चुनाव होने के सौ दिनों के भीतर हो जाएं।

सिफारिशें ऐसे तैयार की कि संविधान संशोधन करने की नाम मात्र जरूरत

समिति ने अपनी सिफारिशें इस तरह तैयार की हैं कि वे संविधान की भावना के अनुरूप हैं तथा उसके लिए संविधान में संशोधन करने की नाम मात्र जरूरत है। समिति ने यह भी सिफारिश की है कि तीनों स्तरों के चुनावों में उपयोग के लिए एक ही मतदाता सूची और चुनावी फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) होना चाहिए।

समिति के समक्ष 47 राजनीतिक दलों ने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें से 32 ने एक साथ चुनाव कराये जाने का समर्थन किया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के समाचार पत्रों में प्रकाशित एक सार्वजनिक सूचना के प्रत्युत्तर में पूरे भारत से नागरिकों से 21558 प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। 80 प्रतिशत लोगों ने एक साथ चुनाव का समर्थन किया। भारत निर्वाचन आयोग की राय भी मांगी गई।

व्यापारिक संगठनों और अर्थ शास्त्रियों से भी ली राय

समिति ने अलग-अलग चुनाव कराये जाने की स्थिति पर सीआईआई,फिक्की, एसोचैम जैसे शीर्ष व्यापारिक संगठनों और प्रख्यात अर्थशास्त्रियों की भी राय ली। इनका भी तर्क था कि अलग-अलग चुनाव कराये जाने से महंगाई बढ़ती है और अर्थव्यवस्था धीमी होती है। एक साथ चुनाव कराया जाना उचित होगा।

18626 पृष्ठों की है रिपोर्ट: समिति में ये थे शामिल

समिति ने हितधारकों व विशेषज्ञों के साथ परामर्श कर 191 दिनों के शोध के बाद 18626 पृष्ठों वाली यह रिपोर्ट तैयार की है।
समिति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद, 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी सदस्य थे। समिति में कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल विशेष आमंत्रित सदस्य और डॉ. नितेन चंद्रा एचएलसी के सचिव शामिल थे।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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